Tejashwi Yadav: विदेश से वतन लौटे तेजस्वी, पंडारा पार्क में लालू से की मुलाकात, बिहार की राजनीति में नए दांव-पेंच की आहट तेज

राष्ट्रीय जनता दल के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव करीब एक महीने के यूरोप दौरे के बाद स्वदेश लौट आए हैं। उन्होंने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की है।

Tejashwi Returns from Abroad Meets Lalu
विदेश से वतन लौटे तेजस्वी, लालू से की मुलाकात- फोटो : reporter

Tejashwi Yadav: बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव करीब एक महीने के यूरोप दौरे के बाद स्वदेश लौट आए हैं। चुनावी हार के बाद उनका विदेश जाना जहां सुकून और परिवार के साथ वक्त बिताने की तस्वीरों तक सीमित दिखा, वहीं विपक्ष ने इसे जिम्मेदारी से पलायन करार देकर तीखे सियासी तीर चलाए। भाजपा और जदयू ने तेजस्वी के विदेश प्रवास को मुद्दा बनाकर सवालों की बौछार की, लेकिन अब उनकी वापसी ने सियासी नैरेटिव बदलना शुरू कर दिया है।

रविवार रात दिल्ली पहुंचते ही तेजस्वी यादव की पहली राजनीतिक सरगर्मी ने सबका ध्यान खींच लिया। सोमवार देर रात उन्होंने पंडारा पार्क स्थित आवास पर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की। इस मुलाकात में राबड़ी देवी और मीसा भारती भी मौजूद थीं। काला चश्मा लगाए लालू यादव अपने पुराने अंदाज में दिखे, मानो यह संदेश दे रहे हों कि राजनीति की चालें अभी बाकी हैं।

इस मुलाकात को महज पारिवारिक नहीं, बल्कि पूरी तरह सियासी नजरिए से देखा जा रहा है। सूत्रों की मानें तो बिहार चुनाव के बाद बदले सियासी हालात, राजद की भूमिका, विपक्ष की धार और आने वाले दिनों की रणनीति पर गहन मंथन हुआ। सत्ता पक्ष जहां अपनी जीत को स्थायी बढ़त में बदलने की कोशिश में है, वहीं राजद सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के तौर पर खुद को नए सिरे से तैयार करने में जुटी है।

चुनावी नतीजों के बाद बिहार की राजनीति एक नए दौर में दाखिल हो चुकी है। हार के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में जो असमंजस और मायूसी थी, उसे दूर करना अब तेजस्वी यादव की सबसे बड़ी चुनौती है। राजद नेताओं का कहना है कि तेजस्वी की वापसी से संगठन में नई जान फूंकी जाएगी और जल्द ही वे जिलों से लेकर प्रदेश स्तर तक बैठकों का दौर शुरू कर सकते हैं।

सियासी जानकार मानते हैं कि लालू-तेजस्वी की यह मुलाकात आने वाले राजनीतिक फैसलों की बुनियाद रख सकती है। यह साफ है कि विदेश यात्रा के बाद तेजस्वी अब फुल फॉर्म में सियासत खेलने के मूड में हैं। आने वाले दिनों में उनकी सक्रियता यह तय करेगी कि बिहार की राजनीति में विपक्ष कितनी मजबूती से सत्ता पक्ष को घेर पाता है।

रिपोर्ट- धीरज कुमार सिंह