Rajaswa Maha Abhiyan: खतियान बंटवारे में गलत आंकड़ों से नहीं हो परेशान, जमीन मालिक बस करें ये काम, तुरंत दूर होगी मुश्किल

Rajaswa Maha Abhiyan: बिहार में राजस्व महाअभियान जारी है। इसी बीच रैयतदारों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खतियान बंटवारे में गलत आंकड़ों ने जमीन मालिकों की टेंशन बढ़ा दी है। इसी बीच बड़ी जानकारी सामने आई है...

Rajaswa Maha Abhiyan
Rajaswa Maha Abhiyan- फोटो : social media

Rajaswa Maha Abhiyan: बिहार में जमीन सर्वे का काम तेजी से जारी है। इसी बीच राजस्व महाअभियान भी जारी है। राजस्व विभाग के महाअभियान के अंतर्गत पहले चरण में रैयतों को उनके खतियान की प्रति दी गई। इस प्रति में जमाबंदी में दर्ज विवरण जैसे—रैयत का नाम, पिता का नाम, पता, खाता, खेसरा और रकबा आदि शामिल किए गए। अगले चरण में विभाग ने विशेष शिविर लगाकर सुधार के लिए आवेदन लेने की व्यवस्था की है।

गलत आंकड़ों से रैयतदार परेशान 

लेकिन खतियान हाथ में आते ही अनियमितताएं उजागर होने लगी हैं। कई रैयतों ने शिकायत की है कि उनके नाम और पिता के नाम में गलती है। कुछ मामलों में खाता संख्या सही लिखी गई है लेकिन खेसरा गलत है, तो कहीं खेसरा सही होते हुए भी खाता गड़बड़ पाया गया। यहां तक कि कई खतियानों में जमीन का रकबा गलत दर्ज है या शून्य दिखाया गया है और पूरी जमीन को एक साथ जोड़कर लिख दिया गया है। 

खतियान जमाबंदी का कॉपी

इन त्रुटियों ने रैयतों को कन्फ्यूजन और परेशानी में डाल दिया है। अंचलाधिकारी विश्वजीत कुमार ने कहा कि यह खतियान वास्तव में ऑनलाइन जमाबंदी की कॉपी है, जिसे केवल लोगों की सुविधा के लिए घर-घर पहुंचाया गया है। उनका कहना है कि खतियान बांटने का उद्देश्य ही यह था कि रैयत इसमें दर्ज गलतियों की पहचान कर सकें। 

ऐसे दूर करें अशुद्धियां 

उन्होंने बताया कि अशुद्धियों को दूर करने के लिए रैयतों को परिमार्जन फॉर्म भरना होगा और संबंधित कागजात संलग्न करके शिविर में जमा करना होगा। इसके बाद विभाग द्वारा सभी प्रकार की गड़बड़ियों को दुरुस्त कर दिया जाएगा। यानी रैयतदारों को परेशान होने की आवश्कता नहीं है। उन्हें अपने सभी डिटेल को सही सही भरकर शिविर में जमा करना होगा। जिसके बाद सभी त्रुटियां दूर हो जाएगी।