विधायक अरुण कुमार का प्रशांत किशोर पर सियासी तंज, बोले- मुकाबला सीधे भाजपा और राजद के बीच, लड़ाई में कहीं नहीं हैं पीके
Bihar Politics: काराकाट विधायक अरुण कुमार ने जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनकी राजनीति का भविष्य भारतीय जनता पार्टी की अंदरूनी स्थिति पर निर्भर करेगा।
Bihar Politics: बिहार की सियासत में विधानसभा चुनाव से पहले बयानबाज़ी का दौर तेज हो गया है। काराकाट विधायक अरुण कुमार ने जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनकी राजनीति का भविष्य भारतीय जनता पार्टी की अंदरूनी स्थिति पर निर्भर करेगा। उन्होंने साफ कहा कि यदि भाजपा में अंतरकलह बढ़ती है और उसका राजनीतिक फायदा प्रशांत किशोर उठा पाते हैं, तभी राज्य की राजनीति में तीसरा कोण बन सकता है। अन्यथा मुकाबला सीधे भाजपा और राजद के बीच ही रहेगा।
अरुण कुमार ने कहा कि बिहार की मौजूदा राजनीतिक ज़मीन पर मुख्य लड़ाई दो बड़े ध्रुवों के बीच है। तीसरे विकल्प की चर्चा तभी सार्थक होगी, जब सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर गंभीर असंतोष पैदा हो और उसका लाभ कोई नया राजनीतिक खिलाड़ी उठा सके।
वहीं, जब पत्रकारों ने उनसे राष्ट्रीय जनता दलमें कथित भगदड़ को लेकर सवाल किया और मृत्युंजय तिवारी के बाद औरंगाबाद सांसद अभय कुशवाहा का नाम चर्चा में होने का जिक्र किया, तो अरुण कुमार ने तीखी प्रतिक्रिया दी।उन्होंने कहा कि केवल राजद पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उनका कहना था कि भाजपा देश की सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन उसके भीतर भी असंतोष और अंदरूनी खींचतान की स्थिति बनी हुई है। इसलिए किसी एक दल को निशाना बनाकर राजनीतिक निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा।
अरुण कुमार के इस बयान को बिहार की बदलती राजनीतिक बिसात पर अहम माना जा रहा है। एक ओर उन्होंने प्रशांत किशोर की संभावनाओं को भाजपा की अंदरूनी राजनीति से जोड़ दिया, तो दूसरी ओर भाजपा के भीतर भी मतभेद होने का दावा कर सियासी बहस को नया मोड़ दे दिया।बिहार में चुनावी सरगर्मियां तेज होने के साथ नेताओं के ऐसे बयान राजनीतिक तापमान को और बढ़ा रहे हैं। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह जुबानी जंग किस नए सियासी मोड़ तक पहुंचती है।
रिपोर्ट- सोनू कुमार