Work From Home: हाइब्रिड वर्क मॉडल बन रहा कर्मचारियों की पहली पसंद, सर्वे में सामने आई बड़ी बात

Work From Home: ग्रेट प्लेस टू वर्क इंडिया वॉइस ऑफ इंडिया 2025 सर्वे में 39 प्रतिशत कर्मचारियों ने हाइब्रिड वर्क मॉडल को सबसे पसंदीदा बताया। जानिए हाइब्रिड वर्क मॉडल क्या है, इसके फायदे क्या हैं और क्या वर्क फ्रॉम ऑफिस खत्म होने वाला है।

Work From Home

Work From Home:  कोरोना महामारी से पहले भारत में ज्यादातर लोग केवल ऑफिस जाकर काम करने के तरीके से परिचित थे। साल 2020 में कोविड-19 महामारी फैलने के बाद बड़ी संख्या में कंपनियों ने कर्मचारियों को घर से काम करने यानी वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी। शुरुआत में लोगों को यह तरीका काफी पसंद आया क्योंकि इससे यात्रा का समय बचा और घर से काम करना आसान लगा। हालांकि लगातार कई साल तक घर से काम करने के बाद कुछ कर्मचारियों को यह तरीका थोड़ा थकाने वाला भी लगने लगा। बाद में जब कंपनियों ने फिर से कर्मचारियों को ऑफिस बुलाना शुरू किया, तब कई लोगों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा की कमी महसूस होने लगी। इसी बीच एक नए सर्वे ने कर्मचारियों की पसंद को लेकर दिलचस्प जानकारी दी है।

हाल ही में जारी ग्रेट प्लेस टू वर्क इंडिया वॉइस ऑफ इंडिया 2025 सर्वे के अनुसार, यदि कर्मचारियों को अपनी पसंद का कार्य मॉडल चुनने का मौका दिया जाए तो 39 प्रतिशत लोग हाइब्रिड वर्क मॉडल को सबसे बेहतर मानते हैं। सर्वे में यह भी सामने आया कि प्रोफेशनल सर्विसेज और टेक्नोलॉजी सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारी हाइब्रिड मॉडल को सबसे ज्यादा पसंद कर रहे हैं। अब कई कंपनियां इस बात पर अधिक ध्यान दे रही हैं कि कर्मचारी कहां से काम कर रहे हैं, इसके बजाय वे कितना अच्छा और प्रभावी काम कर रहे हैं।

हाइब्रिड वर्क मॉडल क्या है?

हाइब्रिड वर्क मॉडल दरअसल वर्क फ्रॉम होम और वर्क फ्रॉम ऑफिस का मिला-जुला तरीका है। इसमें कर्मचारियों को सप्ताह में कुछ दिन ऑफिस जाना होता है और बाकी दिन वे घर से काम कर सकते हैं। आमतौर पर कर्मचारी दो या तीन दिन ऑफिस से काम करते हैं और बाकी दिन घर से अपने काम की जिम्मेदारियां निभाते हैं। इस व्यवस्था से कर्मचारियों को घर की सुविधा भी मिलती है और साथ ही ऑफिस का माहौल भी मिलता रहता है।

हाइब्रिड वर्क मॉडल के फायदे

हाइब्रिड वर्क मॉडल के कई फायदे बताए जाते हैं। इस व्यवस्था में कर्मचारी अपने काम और निजी जीवन के बीच बेहतर संतुलन बना पाते हैं। घर से काम करने के कारण यात्रा में लगने वाला समय बचता है, जबकि ऑफिस जाकर काम करने से टीम के साथ बेहतर तालमेल और बातचीत बनी रहती है। इससे कर्मचारियों की संतुष्टि बढ़ती है और नौकरी छोड़ने की संभावना भी कम हो जाती है। साथ ही कंपनियों को बेहतर प्रतिभाओं को आकर्षित करने और उन्हें लंबे समय तक अपने साथ बनाए रखने में मदद मिलती है।

वर्क फ्रॉम ऑफिस पूरी तरह खत्म होने वाला?

इसका मतलब यह नहीं है कि वर्क फ्रॉम ऑफिस पूरी तरह खत्म होने वाला है। कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां कर्मचारियों का कार्यस्थल पर मौजूद रहना जरूरी होता है। उदाहरण के लिए मैन्युफैक्चरिंग और प्रोडक्शन सेक्टर में 72 प्रतिशत कर्मचारी आज भी मुख्य रूप से अपने कार्यस्थल पर जाकर काम करते हैं। वहीं, ऑन-साइट काम करने वाले 59 प्रतिशत कर्मचारी अपने नियोक्ता के ऑफिस, फैक्ट्री या कार्यस्थल से ही काम करते हैं।

भविष्य में हाइब्रिड वर्क मॉडल की लोकप्रियता

सर्वे से यह साफ है कि भविष्य में हाइब्रिड वर्क मॉडल की लोकप्रियता और बढ़ सकती है, लेकिन कई क्षेत्रों में ऑफिस से काम करने की आवश्यकता बनी रहेगी। ऐसे में आने वाले समय में कंपनियां कर्मचारियों की सुविधा और काम की जरूरतों के बीच संतुलन बनाने पर अधिक ध्यान दे सकती हैं।