सिविल सर्जन कार्यालय का क्लर्क ले रहा था घूस, निगरानी की टीम ने रंगे हाथ दबोचा
Bihar Crime : प्रदेश में सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रखा है वाबजूद इसके भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे। आज एकबार फिर निगरानी की टीम ने एक सरकारी कर्मचारी को घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है...
Sasaram : बिहार में भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस टीम) का सख्त अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में आज रोहतास जिले के सासाराम से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां निगरानी की विशेष टीम ने सिविल सर्जन कार्यालय के सामने से एक क्लर्क (लिपिक) को रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार क्लर्क की पहचान सतीश कुमार के रूप में की गई है। निगरानी की टीम ने यह कार्रवाई उस वक्त की जब आरोपी क्लर्क कार्यालय के ठीक सामने स्थित एक पीपल के पेड़ के पास घूस की रकम की डील कर रहा था।
तबादले के नाम पर संझौली की महिला अकाउंटेंट से मांगी गई थी घूस
मिली जानकारी के अनुसार, पूरा मामला स्वास्थ्य विभाग में ट्रांसफर-पोस्टिंग (तबादला) से जुड़ा हुआ है। बताया जाता है कि संझौली पीएचसी में कार्यरत महिला अकाउंटेंट सुनीता कुमारी के तबादले के नाम पर क्लर्क सतीश कुमार द्वारा मोटी रकम की मांग की जा रही थी। काफी मान-मनौव्वल के बाद मामला 20 हजार रुपये रिश्वत देने पर तय हुआ। क्लर्क द्वारा बार-बार परेशान किए जाने और घूस मांगे जाने से तंग आकर अकाउंटेंट सुनीता कुमारी ने इस बात की लिखित शिकायत पटना स्थित निगरानी विभाग से कर दी, जिसके बाद विभाग ने मामले का सत्यापन कर जाल बिछाया।
केमिकल लगे नोट थमाते ही विजिलेंस टीम ने घेराबंदी कर दबोचा
निगरानी विभाग की टीम ने योजना के मुताबिक आज सासाराम में सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर अपनी पोजीशन ले ली थी। जैसे ही पीड़िता सुनीता कुमारी ने क्लर्क सतीश कुमार को तयशुदा 20 हजार रुपये की रिश्वत के नोट थमाए, वैसे ही पहले से घात लगाए बैठी निगरानी की धावा दल (विशेष टीम) ने घेराबंदी कर सतीश कुमार को दबोच लिया। टीम ने जब आरोपी के हाथ धुलवाए तो केमिकल के कारण उसका रंग बदल गया, जिससे रिश्वत लेने की मौके पर ही पुष्टि हो गई। गिरफ्तारी की कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद निगरानी की टीम आरोपी क्लर्क को अपने साथ लेकर तुरंत पटना के लिए रवाना हो गई।
निगरानी की इस त्वरित कार्रवाई से स्वास्थ्य महकमे में मचा हड़कंप
इस बड़ी कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए निगरानी विभाग के डीएसपी ने बताया कि आरोपी क्लर्क सतीश कुमार को संझौली की अकाउंटेंट से 20 हजार रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथ (रेड हैंड) गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने साफ कहा कि फिलहाल आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घूसखोरी के खेल में सिविल सर्जन कार्यालय के कुछ अन्य बड़े अधिकारी या कर्मी भी शामिल हैं या सतीश कुमार अकेले ही इस सिंडिकेट को चला रहा था।
कार्यालयों में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी की मुहिम से सहमे घूसखोर
दिनदहाड़े सिविल सर्जन कार्यालय के ठीक सामने हुई इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद सासाराम सदर अस्पताल परिसर और सीएस दफ्तर के अन्य कर्मचारियों व बाबूओं के बीच हड़कंप मच गया है। कई विभागों में सन्नाटा पसरा देखा गया। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने निगरानी विभाग की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई की सराहना की है। लोगों का कहना है कि ऐसे भ्रष्ट कर्मियों पर नकेल कसने से ही सरकारी दफ्तरों में आम जनता और निचले कर्मचारियों का काम बिना किसी प्रताड़ना और घूस के समय पर होना संभव हो सकेगा।
रंजन की रिपोर्ट