Bihar Police Crime: शराबबंदी की आड़ में खाकी का कहर! आधी रात एंबुलेंस चालक की बेरहमी से पिटाई, बिना नंबर स्कॉर्पियो से पहुंचे उत्पाद कर्मियों पर गुंडागर्दी का इल्ज़ाम

Bihar Police Crime:आधी रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब शराब जांच के नाम पर उत्पाद विभाग के कर्मियों पर एंबुलेंस चालक को बेरहमी से पीटने का सनसनीखेज आरोप लगा।....

Kamur Liquor Ban Row Ambulance Driver Beaten in Midnight Rai
शराबबंदी की आड़ में खाकी का कहर! - फोटो : reporter

Bihar Police Crime: कैमूर जिले के मोहनिया समेकित जांच चौकी पर आधी रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब शराब जांच के नाम पर उत्पाद विभाग के कर्मियों पर एंबुलेंस चालक को बेरहमी से पीटने का सनसनीखेज आरोप लगा। वाराणसी से मरीज छोड़कर लौट रही एंबुलेंस को NH-19 पर रोककर कथित तौर पर ऐसी दबंगई दिखाई गई कि मौके पर मौजूद लोग भी सन्न रह गए। घटना के बाद इलाके में गुस्सा और बेचैनी का माहौल है।

पीड़ित चालक के मुताबिक शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात करीब एक बजे वह वाराणसी से मरीज छोड़कर वापस लौट रहा था। इसी दौरान मोहनिया चेकपोस्ट पर बिना नंबर प्लेट की स्कॉर्पियो से पहुंचे कुछ लोगों ने एंबुलेंस को रुकवा लिया। चालक का आरोप है कि खुद को उत्पाद विभाग का कर्मी बताते हुए उन्होंने शराब जांच के नाम पर तलाशी शुरू की। जब एंबुलेंस में कुछ नहीं मिला और चालक ने विरोध किया, तो बात अचानक गाली-गलौज और मारपीट तक पहुंच गई।

आरोप है कि उत्पाद कर्मियों ने लाठी-डंडों से चालक की पिटाई कर दी। एंबुलेंस चालक घायल हो गया और मौके पर चीख-पुकार मच गई। घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोग जमा हो गए और उत्पाद विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाने लगे। लोगों का कहना था कि शराबबंदी कानून की आड़ में आम लोगों के साथ बदसलूकी और दबाव बनाना अब आम बात होती जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मोहनिया पुलिस और SDPO मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को संभाला और घायल चालक से पूरी जानकारी ली। बाद में चालक ने दुर्गावती थाना में उत्पाद विभाग के कर्मियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।

दुर्गावती थानाध्यक्ष गिरीश कुमार ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आसपास लगे CCTV कैमरों को खंगाला जा रहा है। जांच के बाद विधि सम्मत कार्रवाई की बात कही गई है। बता दें कि यह पहला मामला नहीं है जब शराबबंदी के नाम पर वाहन चालकों से दुर्व्यवहार और वसूली के आरोप लगे हों। लेकिन इस बार निशाने पर एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवा का चालक आ गया, जिसने पूरे सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

रिपोर्ट- देवब्रत तिवारी