Bihar Crime: जबरन जमीन रजिस्ट्री, फिर अगवा कर अधेड़ की बेरहमी से हत्या , खंधा में मिला शव, गांव में सनसनी
Bihar Crime: दबंगई और जमीन विवाद में एक अधेड़ की निर्मम हत्या अपराधियों ने कर दी है....
Bihar Crime: नालंदा जिले के मानपुर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को दहशत और आक्रोश में डुबो दिया है। दबंगई और जमीन विवाद की इस खौफनाक कहानी का अंत एक अधेड़ की निर्मम हत्या पर जाकर हुआ, जिसका शव तेतरावां गांव के खंधा से बरामद किया गया।मृतक की पहचान 45 वर्षीय सोनू राम के रूप में हुई है, जो अस्थावां थाना क्षेत्र के अस्थावां गांव के निवासी थे। पुलिस के अनुसार, वह पिछले पांच दिनों से लापता थे और परिवार लगातार उनकी तलाश में जुटा हुआ था। शनिवार को मानपुर पुलिस को सूचना मिली, जिसके बाद जब मौके पर छानबीन की गई तो खंधा से उनका शव बरामद हुआ।
शव की स्थिति बेहद भयावह थी गले पर कपड़े से कसकर घोंटने के निशान, शरीर पर मारपीट और संघर्ष के जख्म साफ दिखाई दे रहे थे। मौके से चप्पल, आधार कार्ड, कुछ जरूरी कागजात और प्लास्टिक की बोतल बरामद हुई, जिसके आधार पर पहचान की पुष्टि की गई।मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया जब मृतक की पत्नी माधुरी देवी ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि गांव के दबंग मुकेश यादव ने उनकी 13 कट्ठा जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया था और बाद में 8 कट्ठा जमीन की जबरन रजिस्ट्री भी करा ली गई।परिजनों के अनुसार, दबंग ने 1.62 लाख रुपये प्रति कट्ठा देने का वादा किया था, लेकिन जब कुल करीब 13 लाख रुपये की मांग की गई तो दबंग ने धमकी दी कि पहले और जमीन लिखो, तभी पैसा मिलेगा। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही थी।
बताया गया कि 24 अप्रैल को इसी विवाद को लेकर गांव में पंचायत भी बुलाई गई थी, लेकिन पंचायत के दौरान ही कथित तौर पर दबंग पक्ष ने मारपीट की और माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसके बाद ही सोनू राम अचानक लापता हो गए।परिजनों का आरोप है कि यह सिर्फ विवाद नहीं था, बल्कि एक सुनियोजित साजिश थी, जिसके तहत पहले उन्हें अगवा किया गया और फिर बेरहमी से हत्या कर दी गई।
इधर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मानपुर थानाध्यक्ष अनिरुद्ध कुमार शर्मा ने बताया कि एफएसएल टीम ने मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं और जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है।
इस घटना के बाद पूरे गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल है। लोग इसे जमीन माफियाओं और दबंगई की भयावह मिसाल बता रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो शायद एक जान बचाई जा सकती थी।यह मामला एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में जमीन विवाद, दबंगई और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। प्रशासन के लिए यह चुनौती बन गया है कि ऐसे मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए।
रिपोर्ट- राज पाण्डेय