एक शराबी थानेदार जो अक्सर काटता है बवाल, आखिर कैसे संभले थाना?

एक शराबी थानेदार जो अक्सर काटता है बवाल, आखिर कैसे संभले थाना?

JAMSHEDPUR : पुलिस का काम अपराधियों पर नकेल कसना है. उनका यह भी काम है की नशे की हालत में कोई समाज में गलत हरकत न करें. लेकिन जब कोई पुलिसवाला ही शराब पीकर हंगामा करें तो उसके इलाके में अपराधी बेलगाम हो सकते हैं. झारखण्ड के कुकड़ू प्रखंड क्षेत्र में एक थाना है तिरुलडीह. 

इस थाने में पदस्थापित थानेदार अक्सर शराब पीकर बवाल काटते रहते है, उस थानेदार का नाम है महाबीर उरांव, जो हमेशा शराब के नशे में धुत्त रहते है. कभी शराब के नशे में थाना के सिपाहियों के साथ हंगामा करते हैं, तो कभी शराब के नशे में गांव में घूमते हुए देहाती कुत्तो को रस्सी से बांध कर डेली मार्केट, रेलवे स्टेशन की ओर घुमाते रहते है. 

इतना ही नहीं थानेदार शराब के नशे में धार्मिक कार्यक्रम  जाकर नाचते भी हैं. इन्हें न तो अपने पद की गरिमा का ख्याल रहता है और न ही वर्दी का. ये थाना में आने-जाने वाले लोगो के साथ भी नशे की हालत में दुर्व्यवहार करते है. थानेदार की इस आदत से थाने में अपने काम से आनेवाले लोगों को भी काफी सोचना पड़ता है. लोगों को डर बना रहता है की थानेदार नशे की हालत में किसी के साथ दुर्व्यवहार न कर दें. लोग यह भी सवाल उठा रहे हैं की नशे की हालात में थानेदार किस तरह थाना संभाल सकते हैं. 

जमशेदपुर से संतोष कुमार की रिपोर्ट 

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