पूर्व सांसद अरुण कुमार का विवादित बयान, ललन सिंह को बता दिया शिखंडी

पूर्व सांसद अरुण कुमार का विवादित बयान, ललन सिंह को बता दिया शिखंडी

पटना. सीएम नीतीश कुमार पर विवादित बयान देने के मामले में जहानाबाद कोर्ट ने लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अरुण कुमार को तीन साल की सजा दी है। हालांकि उन्हें बेल भी मिल गयी। इस बीच सोमवार को अरुण कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फिर जदयू और नीतीश कुमार पर हमला बोला। उन्होंने सीएम नीतीश को मौकापरस्त बता दिया। उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश ने कहा था कि कभी भी भाजपा से हाथ नहीं मिलाऊंगा, लेकिन बाद भाजपा से ही मिल गये। 

इस दौरान अरुण कुमार ने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह पर भी हमला बोला। उन्होंने ललन सिंह को शिखंडी बता दिया। उन्होंने सीएम नीतीश को चेतावनी के लहजे में कहा कि इन शिखंडियों से अरुण कुमार की आवाज नहीं दबा सकते। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र है। यहां कोई स्थायी रूप से नहीं रहेंगे। जो आज है, वे कल नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि मैं जॉर्ज फर्नाडिंस- कर्पुरी ठाकुर के चेले हूं। मैं इन सभी से डरने वाला नहीं हूं।

तीन साल की सजा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर अमर्यादित बयान देने के मामले में जहानाबाद के पूर्व सांसद सह लोजपा रामविलास के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अरुण कुमार को कोर्ट ने तीन साल की सजा एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जहानाबाद व्यवहार न्यायालय के एमएलए एमपी कोर्ट के न्यायधीश न्यायमूर्ति आरके रजक ने शनिवार को पूर्व सांसद अरुण कुमार के विरुद्ध आइपीसी की धाराओं 153 ए एवं 505 में दोषी पाते हुए यह फैसला सुनाया।

सीएम नीतीश पर विवादित बयान

गौरतलब है कि साल 2015 में रालोसपा के प्रदेश अध्यक्ष और जहानाबाद के तत्कालीन सांसद डॉ अरुण कुमार ने कहा था  'नीतीश कुमार अनंत सिंह जैसे दर्जनों लोगों का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करते हैं और फिर अपना काम निकल जाने के बाद उन्हें उन जैसे लोगों की जरूरत नहीं होती। नीतीश कुमार को समझ लेना चाहिए कि ये कौम चूड़ियां पहनकर नहीं बैठी। यह नीतीश कुमार की छाती भी तोड़ सकती है।'


Find Us on Facebook

Trending News