बिहार में पंचायती राज संस्थाओं के ऑडिट का भुगतान 15 वें वित्त आयोग के अनुदान से होगा, इतने मिलेंगे रुपये

बिहार में पंचायती राज संस्थाओं के ऑडिट का भुगतान 15 वें वित्त आयोग के अनुदान से होगा, इतने मिलेंगे रुपये

पटना. बिहार में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं और ग्राम कचहरी में ऑडिट के लिए राशियों का भुगतान 15वें वित्त आयोग के अनुदान से किया जाएगा। इसके लिए पंचायती राज विभाग ने सभी जिला पदाधिकायों को आदेश जारी किया है। प्रावधानों के अनुसार ऑडिट के लिए ग्राम पंचायत को दो हज़ार, पंचयात समिति को दो हजार, जिला परिषद को दो हजार एवं ग्राम कचहरी को पांच सौ रुपये की दर भुगतान किया जाएगा। केवल समेकन कार्य के लिए पंचायत समिति को पांच हजार एवं जिला परिषद को दस हज़ार की राशि प्रदान की जाएगी।

बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग के मंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं एवं ग्राम कचहरी का अंकेक्षण कार्य का भुगतान 15वें वित्त आयोग के तहत बैसिक यूनाइटेड ग्रांट करने हेतु विभाग के निर्देशक द्वारा पत्र सभी जिला पदाधिकारी को जारी कर दिया गया है। सम्राट चौधरी ने बताया कि विभाग द्वारा नियुक्त चार्टेड एकाउंटेंट फर्मो द्वारा त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं का अंकेक्षण इकाइवार एवं योजनावार तथा ग्राम कचहरी का अंकेक्षण योजनावार वितीय वर्ष 2015-16,2016-17,2017-18 (वितीय वर्ष 2012-13 से यदि किसी इकाई का अंकेक्षण कार्य नही हुआ हो तो उनका भी ) कराया गया था।

सम्राट चौधरी ने कहा कि विभागीय निर्देश  के अलोक में जिला द्वारा त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं तथा ग्राम कचहरी का वितीय वर्ष 2018-19 से 2021-22 तक का अंकेक्षण कार्य चयनित सी.ए फर्मों से कराया जायेगा। इसके अंकेक्षण शुल्क के भुगतान की व्यवस्था पंचम राज्य वित्त आयोग की राशि से करने का निर्देश दिया गया था। जिसका समयावधि अब समाप्त हो चुका है। इसके विचारोपरांत विभाग द्वारा निर्णय लिया गया कि चार्टेड एकाउंटेंट फॉर्म द्वारा कृत अंकेक्षण कार्य हेतु अंकेक्षण शुल्क का भुगतान 15वे वित्त आयोग के तहत प्रदत्त बैसिक यूनाइटेड ग्रांट की राशि से कराया जाएगा।

चौधरी बताया गया कि 15 वें वित्त आयोग की अनुशंसा के आलोक में भारत सरकार से प्राप्त ट्राइड एवं यूनाइटेड अनुदानों की राशि को त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के बीच वितरण एवं व्यय की स्वीकृति प्रदान की गई है। भारत सरकार से प्राप्त अनुदानों को वर्षवार एवं किश्तवार वितरण एवं व्यय की स्वकृति की जाएगी। अंकेक्षण कार्य के लिए अंकेक्षण की शुल्क दर वितीय वर्षवार निर्धारित की गई है। ग्राम पंचायत को दो हज़ार, पंचयात समिति को दो हजार, जिला परिषद को दो हजार एवं ग्राम कचहरी को पांच सौ रुपये की दर निर्धारित किया गया है। केवल समेकन कार्य के लिए पंचायत समिति को पांच हजार एवं जिला परिषद को दस हज़ार की राशि प्रदान की जाएगी।


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