परिवहन नियमों की धज्जियां उड़ा रहा औरंगाबाद का उत्पाद महकमा, बिना नंबर के वाहनों का कर रहा इस्तेमाल

परिवहन नियमों की धज्जियां उड़ा रहा औरंगाबाद का उत्पाद महकमा, बिना नंबर के वाहनों का कर रहा इस्तेमाल

AURANGABAD : पूर्ण शराबबंदी वाले बिहार में कुछ माह पूर्व शराब के अवैध कारोबार में संलिप्तता के आरोप में दो कर्मियों की गिरफ्तारी से चर्चा में आया औरंगाबाद का उत्पाद विभाग एक बार फिर चर्चा में है। इस बार चर्चा में आने का कारण परिवहन नियमों को धज्जियां उड़ाया जाना है। विभाग का यह कारनामा मीडिया की नजरों में तब आया, जब विभाग के लोग शराब के नशे में पकड़े गये कुछ लोगो को दो वाहनों से लेकर मेडिकल जांच कराने औरंगाबाद सदर अस्पताल पहुंचे। इस दौरान पूछे जाने पर एक वाहन के चालक ने विभाग के अधिकारी का नाम बताये बिना कहा कि साहब ने ही नंबर प्लेट हटवा दिया है। गाड़ी का कागज है या नही, वह नही जानता है। ऐसे में उत्पाद विभाग की कार्यशैली पर ही अंगुली उठ रही है। 


सूत्रों का कहना है कि कही ऐसा तो नही है कि विभाग अवैध शराब के साथ जब्त वाहनों का ही इस्तेमाल तो अपने कार्यों के लिए नही कर रहा है। यदि ऐसा है तो निःसंदेह यहां गड़बड़ी है। क्योकि शराब विरोधी अभियान चलाने के लिए विभाग को वाहन के लिए अलग से राशि मिलती है। राशि मिलने के बावजूद यदि जब्त वाहनों का इस्तेमाल उत्पाद विभाग अपने कार्यों में कर रहा है तो यह भी एक बड़ी गड़बड़ी है। इसके लिए गड़बड़ करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। वही यदि उत्पाद विभाग ने अपने कार्यों के लिए निजी वाहनों को किराये पर ले रखा है, तो भी वाहनों पर नंबर प्लेट जरूर लगे होने चाहिए। 

ऐसा नही करना परिवहन नियमों और कानून को ठेंगा दिखाने के बराबर है। यदि किसी एक विभाग के लोग परिवहन कानूनो को ताक पर रख कर काम करेंगे तो अन्य विभाग क्या करेंगे। यदि अन्य विभाग के लोग ऐसा करने लगेंगे तो निःसंदेह इस तरह की प्रवृति खतरनाक होगी। जिस पर विभाग के वरीय अधिकारियों को लगाम लगाना ही होगा। तभी इस तरह की खतरनाक प्रवृति को रोका जा सकेगा। वही इस पूरे मामले में राजद ने विभाग को आड़े हाथों लिया है। राजद के जिला प्रवक्ता डॉ. रमेश यादव ने कहा कि उत्पाद विभाग का कोई माई-बाप नही है। विभाग के लोगो की कार्यशैली हमेशा सवालों के घेरे में रही है। इस विभाग के दो कर्मी पहले भी शराब कारोबार करने के आरोप में जेल जा चुके है और विभाग के कर्मी आज भी इस तरह के खेल में संलिप्त है।

औरंगाबाद से दीनानाथ मौआर की रिपोर्ट 

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