सासाराम में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री का निकाला शव यात्रा, रामचरितमानस पर विवादित बयान का जताया विरोध

सासाराम में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री का निकाला शव यात्रा, रामचरितमानस पर विवादित बयान का जताया विरोध

SASARAM : बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर द्वारा रामचरितमानस पर दिए गए विवादित बयान पर हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी कड़ी में आज सासाराम में विश्व हिंदू परिषद तथा बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर का शव यात्रा निकाला।

 

इस दौरान भाजपा कार्यकर्ता भी शव यात्रा में साथ रहे। साथ ही अद्वैत आश्रम के प्रसिद्ध संत स्वामी अंजनेश भी उपस्थित हुए। कार्यकर्ताओं ने शिव घाट से जुलूस के शक्ल में शव यात्रा निकाली और मंत्री के पुतला को शव यात्रा की शक्ल में लेकर 'राम नाम सत्य है' का नारा लगाते हुए सासाराम के पोस्ट ऑफिस चौराहे पर पहुंचे। इस मौके पर मंत्री के तस्वीर तथा उनके पुतला को जलाया एवं विरोध किया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि बिहार सरकार के महत्वपूर्ण पद पर बैठे मंत्री चंद्रशेखर द्वारा उनके पवित्र ग्रंथ को लेकर विवादित टिप्पणी की गई है। जिसका वे लोग विरोध करते हैं। पूर्व विधायक जवाहर प्रसाद ने भी मंत्री के बर्खास्तगी की मांग की। वही प्रसिद्ध संत स्वामी अंजनेश ने कहा कि भारतीय संविधान भी उनके धार्मिक ग्रंथों को मान्यता देता है। न्यायालयों में उनके धार्मिक ग्रंथों को लेकर सत्य बोलने की शपथ दिलाई जाती है। लेकिन एक जिम्मेदार पद पर बैठा शख्स भारतीय जनमानस के पवित्र ग्रंथों का अपमान कर रही है। जिसका वे लोग विरोध करते हैं।

वहीँ शेखपुरा में रामचरितमानस पर शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर प्रसाद के द्वारा दिए गए विवादित बयान मामले पर गांव के लोगों में भी आक्रोश फैलने लगा है। इसी को लेकर शेखपुरा सदर प्रखंड के चितौरा मुबारकपुर के ग्रामीणों के द्वारा बिहार के शिक्षा मंत्री का अर्थी यात्रा निकाल कर पुतला सजाकर गांव में घुमाया गया और रोड पर लाकर पुतला दहन किया गया और कुछ देर के लिए रोड जाम भी किया गया। गांव वालों में इसको लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया कि रामचरितमानस हम लोगों का पूजनीय ग्रंथ है। ऐसे में बिहार के शिक्षा मंत्री के द्वारा रामचरितमानस को बांटने वाला ग्रंथ बताकर हम लोगों की भावनाओं को काफी आहत किया है। इससे पूरा हिंदू समाज दुखी और आक्रोशित है। हम लोग अपने आक्रोश को व्यक्त करने के लिए पुतला बनाकर गांव में घुमाने के साथ-साथ पुतला दहन का काम भी किया है। गांव वालों ने बताया कि बिहार के जनमानस में रामचरितमानस और तुलसीदास पूजनीय है। घरों में रामचरितमानस की पूजा की जाती है। उस ग्रंथ को बांटने वाला ग्रंथ बताना एक बड़े वर्ग के भावनाओं को अपमानित और आहत करने वाला कदम है। पुतला दहन से पहले गांव के लोग जुटे और गांव में यात्रा निकाली । अर्थी बना कर गांव में घुमाया गया। इस बीच खूब नारेबाजी भी की गई।

उधर जहानाबाद में भी भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने शहर के अरवल मोड़ पर बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर का पुतला जलाकर विरोध जताया। इस मौके पर दर्जनों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए जमकर नारेबाजी की और कहा कि अविलंब बिहार सरकार विवादित बयान देने वाले शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करें। गौरतलब हो कि कुछ दिन पूर्व बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर नालंदा मुक्त विवि के दीक्षांत समारोह में भाग ले रहे थे। इस दौरान उन्होंने रामचरितमानस ग्रंथ को लेकर कई आपत्तिजनक बयान दिया था। जबकि मंत्री अपने बयान पर कायम है उनका कहना है कि मैं कुछ भी गलत नहीं कहा हूं। लेकिन इनके बयान को लेकर सत्ताधारी दल के कई नेताओं द्वारा मंत्री द्वारा दिया गया बयान को गलत बता रहे हैं। लेकिन राजद के कई नेताओं द्वारा उनके समर्थन में बातें कही जा रही है। लेकिन जिस तरह से मंत्री द्वारा विवादित बयान दिया गया है उसे बिहार में राजनीतिक भूचाल आ गया है ।

सासाराम से रंजन की रिपोर्ट 

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