आजादी के 75 साल पूरे होने से पहले जम्मु में दोहराई गई उरी हमले जैसी घटना, आर्मी कैंप में घुसे आतंकी, हमले में तीन जवान शहीद

आजादी के 75 साल पूरे होने से पहले जम्मु में दोहराई गई उरी हमले जैसी घटना, आर्मी कैंप में घुसे आतंकी, हमले में तीन जवान शहीद

DESK : बड़ी खबर जम्मु कश्मीर से सामने आ रही है, जहां 15 अगस्त को आजादी के 75वें साल पूरा होने से पहले आतंकियों ने उरी हमले जैसी घटना को फिर से दोहराने की कोशिश की है। यहां आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी के परगल स्थित आर्मी कैंप में हमला किया है। हालांकि जवानों ने आतंकियों के मंसूबे को नाकाम कर दिया, लेकिन इस हमले आर्मी के तीन जवान शहीद हो गए, जबकि 5 जवान जख्मी हैं। वहीं दो आतंकियों को मार गिराया गया है। परगल कैंप राजौरी से 25 किमी की दूरी पर है।

11 राष्ट्रीय राइफल से मिली जानकारी के मुताबिक, आर्मी कैंप में आतंकियों ने आत्मघाती हमला किया था। इसमें दोनों आतंकी ढेर हो गए।' उधर, धरहल पुलिस स्टेशन से 6 किमी स्थित दूसरी पार्टियों को भी कैंप की ओर रवाना किया गया है। अभी ये पता नहीं चल पाया कि कितने आतंकियों ने यह हमला किया। पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है।

उरी हमले की याद ताजा

18 सितंबर 2016 को कश्मीर के उरी में सुबह साढ़े 5 बजे 4 आतंकवादी सेना के कैंप में घुसे और हमला कर दिया था। 3 मिनट के भीतर ही आतंकियों ने 15 से ज्यादा ग्रेनेड फेंके, जिसमें सेना के 19 जवान शहीद हो गए थे। सेना के जवानों ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए आतंकियों पर फायरिंग की। सेना की जवाबी कार्रवाई में चारों आतंकी मारे गए।

इस हमले को लेकर पूरे देश में गुस्सा था। भारतीय सेना ने इस हमले का जवाब देने के लिए 28-29 सितंबर की रात PoK में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। इसमें 38 से 40 आतंकी मार गिराए थे।

एक दिन पहले लश्कर के तीन आतंकी मारे गए
 एक दिन पहले यानी बुधवार को जम्मू-कश्मीर में बडगाम जिले के वाटरहेल इलाके में सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा के 3 आतंकियों को मार गिराया। मारे गए आतंकियों में से एक लतीफ राथर था, जो कश्मीरी पंडित राहुल भट, अमरीन भट सहित कई नागरिकों की हत्या में शामिल था।


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