भरौल छठ महोत्सव के आयोजन की इजाजत क्यों नहीं....क्या गिरिराज सिंह से ड़र गई थी सरकार ? पढ़िए इनसाईड स्टोरी

भरौल छठ महोत्सव के आयोजन की इजाजत क्यों नहीं....क्या गिरिराज सिंह से ड़र गई थी सरकार ? पढ़िए इनसाईड स्टोरी

BEGUSARAI  बेगूसराय के भरौल में लगातार 11 वर्षों से बड़े पैमाने पर आयोजित किए जाने वाले भरौल छठ महोत्सव के आयोजन के लिए जिला प्रशासन ने अनुमति नहीं दी।कार्यक्रम से 24 घंटे पहले जिला प्रशासन ने कार्यक्रम के आयोजन को इजाजत नहीं देने का आदेश जारी कर दिया।इस आदेश की वजह से भरौल छठ महोत्सव के आयोजक को मजबूरी में कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा।बता दें कि लगातार 11 वर्षों से काफी बड़े स्तर पर भरौल छठ महोत्सव का आयोजन किया जाता रहा है।इस बार यह कार्यक्रम 3 और 4 नवंबर को आयोजित की गई थी।सारी तैयारियां लगभग पूरी की जा चुकी थी।बाहर से देश के नामचीन कलाकारों का दल भी पहुंचने वाला था। पंड़ाल से लेकर मंच,भोजन-पानी का पूरा इंतजाम हो चुका था।इसी बीच बेगूसराय जिला प्रशासन ने कार्यक्रम करने की इजाजत नहीं दी।

भरौल छठ महोत्सव की स्वीकृति नहीं देने की क्या रही वजह

इस बार भरौल छठ महोत्सव बेगूसराय में स्थानीय सांसद सह केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह मुख्य अतिथि थे। बीजेपी के फायर ब्रांड नेता गिरिराज सिंह का बिहार सरकार से छत्तीस का आंकडा सर्वविदित है।कभी बाढ़ तो कभी सुखाड़,कभी अपराध तो कभी मीटिंग में अधिकारियों के शामिल नहीं होने पर नीतीश सरकार पर सीधा वार करते रहे हैं।बहुत दिन नहीं बीता जब उन्होंने बेगूसराय में बढ़ते अपराध को लेकर स्थानीय पुलिस-प्रशासन को जमकर खरी-खोटी सुनाई थी।

भरौल छठ महोत्सव के आयोजक सुभाष कुमार ईश्वर उर्फ कंगन की मानें तो इस बार जिला प्रशासन द्वारा आयोजन की स्वीकृति नहीं देने के पीछे सबसे बड़ा कारण स्थानीय सांसद सह केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह हैं।कंगन ने बताया कि गिरिराज सिंह को भरौल छठ महोत्सव में मुख्य अतिथि बनाना स्थानीय प्रशासन को अच्छा नहीं लगा।चूंकि गिरिराज सिंह के लगातार वार से एक तरफ सरकार भी परेशान है तो दूसरी तरफ जिला प्रशासन भी।उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने अपने आदेश में कहा कि कार्यक्रम स्थल तक जाने के लिए सड़क काफी संकीर्ण है,इसलिए इजाजत नहीं दी जा सकती।

कंगन ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए न्यूज4नेशन से कहा कि जिला प्रशासन  द्व्रारा आयोजित हर कार्यक्रम को मैं अपना सार्थक सहयोग देते रहा हूं।लेकिन पता नहीं जब हमने सारी तैयारी पूरी कर ली थी तो जिला प्रशासन को क्या लगा कि अचानक छोटी सी वजह को कारण बताकर आयोजन रोकने का आदेश दे दिया। गौरतलब है कि लगातार 11 बार सफलता पूर्वक आयोजित भरौल छठ महोत्सव ने बिहार में होने वाले सरकारी और निजी कार्यक्रमों के रिकार्ड तोड़ रखे हैं।कंगन ने बताया कि इस कार्यक्रम में पूरे बिहार से लोग शिरकत करते हैं और करीब पांच लाख लोगों की भींड एक स्वस्थ्य सांस्कृतिक महोत्सव का आनंद उठाते रही है। लेकिन जब इस बार बीजेपी के फायर ब्रांड नेता और स्थानीय सांसद गिरिराज सिंह को हमने बतौर मुख्य अतिथि बनाया तो प्रशासन ने कार्यक्रम की इजाजत नहीं देकर बेगूसराय के लोगों का दिल तोड़ दिया।

भरौल छठ महोत्सव में देश के उच्च कोटि के कलाकार लेते हैं भाग

आयोजक सुभाष कुमार ईश्वर ने बताया कि भरौल छठ महोत्सव में देश के उच्च कोटि के गायक और कलाकारों का जमघट लगता था।इस बार भी देश के प्राख्यात गजल गायक चंदन दास, स्नेहा उपाध्याय,मैथिली ठाकुर,अक्षरा सिंह,पूर्णिमा श्रेष्ठ,ममता जासी,राव आजाद शत्रु जैसे नामचीन कलाकारों की भागीदारी होने वाली थी।इससे पहले भी हिंदुस्तान के सबसे बड़े और लोकप्रिय गायक हंसराज हंस से लेकर सुदेश भोंसले तक ने भरौल छठ महोत्सव के मंच को सुशोभित करने का काम किया है।हमने सांस्कृतिक महोत्सव के आयोजन को लेकर बिहार में एक मापदंड तय किया था,लेकिन सरकार को यह सब रास नहीं आया।जो भी हो सरकार को अपनी राजनीति में जनता को नहीं घसीटना चाहिए।किसी के कद को आयोजन की स्वीकृति नहीं देने से कम नहीं किया जा सकता।उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किसी के रोकने से रूकने वाला नहीं,जैसे हीं मौका मिलेगा इसे फिर आयोजित कर भरौल एक स्वस्थ्य संदेश देगा।

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