समान पाठ्यक्रम, वेतनमान और विद्यालयी प्रणाली आधारित हो देश की नई शिक्षा नीति : केदारनाथ पांडेय

समान पाठ्यक्रम, वेतनमान और विद्यालयी प्रणाली आधारित हो देश की नई शिक्षा नीति : केदारनाथ पांडेय

PATNA :  देश की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति समान पाठ्यक्रम, समान वेतनमान और समान विद्यालयी प्रणाली आधारित होनी चाहिए। ये बातें बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष सह विधान पार्षद केदारनाथ पांडेय ने नई शिक्षा नीति-2019 विषय पर आयोजित संगोष्ठी के उद्घाटन उद्बोधन में कही। 

राजधानी के जमाल रोड स्थित बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के सभागार में संघ के शैक्षिक परिषद द्वारा आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी के पहले दिन के प्रथम सत्र में शैक्षिक परिषद के सचिव शशि भूषण दूबे के आधार पत्र पर चर्चा हुई।  दूबे ने कहा कि यह शिक्षा नीति समान स्कूल प्रणाली पर मौन है। शिक्षकों की नियुक्ति व वेतनमान की प्रक्रिया संतोषपूर्ण नहीं है। वित्त संपूरक के लिए फिलथ्रोपिक गति विधि को सशक्त किया जायेगा। शिक्षा नीति में पब्लिक प्राइवेट पाटर्नरशिप (पीपीपी) के ढ़ाचे को मजबूत करने की बात कही गई है जिससे शिक्षा पूंजीवादियों के हाथों की कठपुतली बन जायेगी।

संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के महासचिव सह पूर्व सांसद शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति को लागू करने से पूर्व संविधान की प्रस्तावना पर भी ध्यान देना होगा जिससे कि नई शिक्षा नीति समग्रता के उद्देश्य पूरा कर सके। 

प्राच्यप्रभा के प्रधान संपादक विजय कुमार सिंह ने कहा कि हमें पूरी शिक्षा नीति के विभिन्न खंडों को व्यापक दृष्टिकोण के आधार पर एवं समग्रता में देखना चाहिए।

बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के मीडिया प्रभारी सह प्रवक्ता ने कहा कि सत्र के दूसरे चरण में शिक्षा के दस्तावेज का तीन ग्रुपों में अध्ययन किया गया। प्रथम ग्रुप स्कूली शिक्षा, दूसरा ग्रुप शिक्षा में बदलाव और तीसरा ग्रुप क्रियान्वयन व वित्त पोषण पर अध्ययन किया। कल संगोष्ठी के दूसरे दिन नई शिक्षा नीति के अन्य  घटकों पर विचार-विमर्श व मंथन किया जायेगा और एक सुझाव व परामर्श ड्रॉफ्ट तैयार किया जायेगा। 

चर्चा में अमित कुमार, मनोज कुमार, प्रवीण कुमार, गौतम महात्मा, कुमार मुकुल, गजेंद्र सिंह, चंद्रकिशोर कुमार, मृत्युंजय कुमार, चंदन कुमार, विनय मोहन, रामशरण मेहता, अशोक कुमार राय आदि ने भाग लिया।

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