बिहार में 'गवाहों' की सुरक्षा को लेकर सभी जिलों में प्राधिकार का हुआ गठन...जानिए प्राधिकार में कौन-कौन होंगे शामिल

बिहार में 'गवाहों' की सुरक्षा को लेकर सभी जिलों में प्राधिकार का हुआ गठन...जानिए प्राधिकार में कौन-कौन होंगे शामिल

PATNA: बिहार सरकार ने गवाहों की सुरक्षा देने को लेकर जिला स्तरीय सक्षम प्राधिकार का गठन किया है। इस संबंध में गृह विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है।राज्य सरकार ने गवाह सुरक्षा योजना -2018 के तहत राज्य में जिला स्तरीय सक्षम प्राधिकार का गठन किया है।

जिला न्यायाधीश को बनाया गया अध्यक्ष

जिसके तहत जिला एवं सत्र न्यायाधीश को प्राधिकार का अध्यक्ष बनाया गया है जबकि पुलिस अधीक्षक को सदस्य और जिला अभियोजन पदाधिकारी को सदस्य-सचिव बनाया गया है। यही प्राधिकार गवाहों की सुरक्षा को लेकर समीक्षा करेगी और जिन्हें आवश्यक होगा उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाएगी।

बता दें कि महेन्द्र चावला एवं अन्य बनाम भारत सरकार एवं अन्य मामले में 5 दिसमंबर 2018 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेश के अनुपालन में बिहार सरकार प्राधिकार का गठन किया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि गवाह सुरक्षा प्राधिकार, 2018 संविधान के अनुच्छेद 141 और 142 के तहत तबतक 'कानून' रहेगा जबतक इस विषय पर संसद या राज्य द्वारा उचित कानून नहीं बनाए जाते। जस्टिस ए. के. सीकरी और जस्टिस एस. ए. अब्दुल नजीर की बेंच ने निर्देश दिया था कि 2019 के अंत तक सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा देश की सभी जिला अदालतों में संवेदनशील गवाहों के बयान दर्ज कराने के लिए परिसर बनाए जाएं। बेंच ने कहा कि केंद्र सरकार को वित्तीय और अन्य तरीके से मदद कर राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के इस काम का सहयोग करना चाहिए।

सुरक्षा नहीं मिलने से पलट जाते हैं गवाह

अदालत ने कहा था कि गवाहों के अपने बयान से पलट जाने की मुख्य वजहों में से एक राज्यों द्वारा उन्हें उचित सुरक्षा मुहैया ना कराना भी होता है। केंद्र सरकार ने 18 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों, पांच राज्य कानून सेवा प्राधिकारियों और सिविल सोसाइटी, 3 हाई कोर्टों के साथ-साथ पुलिसकर्मियों समेत खुले स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर यह योजना तैयार की है।

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