लिंग-आधारित हिंसा को रोकने के लिए पूरे पटना जिला में चलेगा अभियान, जिलाधिकारी ने की सखी वन स्टॉप सेन्टर संग अहम बैठक

लिंग-आधारित हिंसा को रोकने के लिए पूरे पटना जिला में चलेगा अभियान, जिलाधिकारी ने की सखी वन स्टॉप सेन्टर संग अहम बैठक

पटना.  जिला पदाधिकारी, पटना-सह-अध्यक्ष, जिला प्रबंधन समिति, सखी वन स्टॉप सेन्टर डॉ. चन्द्रशेखर सिंह ने लिंग-आधारित हिंसा को रोकने के लिए पूरे जिला में अभियान चलाने का निदेश दिया है। वे शनिवार को छज्जुबाग स्थित सखी वन स्टॉप सेन्टर में जिला प्रबंधन समिति की बैठक में अध्यक्षीय संबोधन कर रहे थे। बैठक से पहले जिलाधिकारी डॉ. चन्द्रशेखर सिंह एवं वरीय पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो द्वारा सखी वन स्टॉप सेन्टर का निरीक्षण किया गया तथा आवश्यक निदेश दिया गया। 

डीएम डॉ. सिंह व एसएसपी ढिल्लो ने कहा कि बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग के अधीन महिला विकास निगम अंतर्गत संचालित सखी वन स्टॉप सेन्टर ( ओएससी ) महिलाओं की काउंसेलिंग एवं सहायता के लिए हमेशा सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध है। अधिकारीद्वय ने योजनाओं के क्रियान्वयन में सभी स्टेकहोल्डर्स की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने सखी वन स्टॉप सेन्टर (ओएससी) के उद्देश्यों, भूमिका एवं दायित्वों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसकी स्थापना निजी एवं सार्वजनिक स्थानों पर, परिवार के अंदर, समुदाय एवं कार्यस्थल पर हिंसा से प्रभावित महिलाओं को सहायता प्रदान करने के लिए की गयी है। 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों को भी इसमें मदद दी जाती है। शारीरिक, लैंगिक, भावनात्मक, मनोवैज्ञानिक एवं आर्थिक शोषण का सामना करने वाली महिलाओं को सहायता प्रदान की जाती है तथा उनकी समस्याओं का निवारण किया जाता है। घरेलू हिंसा, दहेज़ प्रताड़ना, यौन उत्पीड़न, ट्रैफिकिंग आदि से पीड़ित महिलाओं को ओएससी पर विशिष्ट सेवाएँ प्रदान की जाती हैं। वन स्टॉप सेन्टर महिलाओं के विरूद्ध किसी भी प्रकार की हिंसा को रोकने के लिए चिकित्सीय, विधिक, मनोवैज्ञानिक एवं परामर्श सहायता सहित अन्य प्रकार की सेवाओं के लिए वन स्टॉप सोल्युशन की भूमिका निभाता है। प्रभावित महिलाओं को ओएससी के माध्यम से तत्काल, आपातकालीन एवं गैर आपातकालीन सहित सभी प्रकार की सुविधाओं की प्राप्ति होती है। 

जिला पदाधिकारी के संज्ञान में लाया गया कि वर्ष 2021 से अभीतक कुल 861 मामलों का ओएससी द्वारा समाधान किया गया है। वर्ष 2021 में कुल 567 मामलों में प्रभावित महिलाओं को सहायता प्रदान की गई है। इस वर्ष अभीतक ओएससी में कुल 294 मामले आए हैं जिसका समाधान किया गया।  घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, बाल विवाह आदि से संबंधित सभी मामलों में महिलाओं की सहायता की जाती है। बैठक में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (आईसीडीएस)-सह-संयोजक, वन स्टॉप सेन्टर द्वारा एजेंडावार प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।  डीएम ने डीपीओ, आईसीडीएस को निदेश दिया कि महिला शक्तिकरण कोषांग का नियमित तौर पर बैठक आयोजित करें। उन्होंने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकने के लिए पदाधिकारियों एवं कर्मियों का ओरिएंटेशन कार्यशाला आयोजित करने का निदेश दिया। 

डीएम डॉ. सिंह ने सभी प्रखंडों में इससे संबंधित आंतरिक समिति को क्रियाशील रखने का निदेश दिया। ओएससी में पीड़ित महिलाओं को आकस्मिक चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए एएनएम की प्रतिनियुक्ति की गई है। उन्होंने सिविल सर्जन को इसे हमेशा सुनिश्चित करने का निदेश दिया। डीएम डॉ. सिंह ने ओएससी में पारा मेडिकल कर्मियों की तैनाती रखने का निदेश दिया।

उन्होंने 11 अक्टूबर, 2022 को अन्तर्राष्ट्रीय बालिका दिवस का वृहत स्तर पर आयोजन करने का निदेश दिया है. बैठक में डीएम एवं एसएसपी के साथ सिविल सोसायटी के सदस्य के तौर पर पद्मश्री सुधा वर्गीस, उप विकास आयुक्त  तनय सुल्तानिया, अध्यक्ष जिला बार काउन्सिल, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रतिनिधि, सिविल सर्जन  के के राय, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस, जिला कल्याण पदाधिकारी, सहायक निदेशक बाल संरक्षण इकाई, जिला परियोजना प्रबंधक महिला विकास निगम, केन्द्र प्रशासक-सह-परियोजना प्रबंधक सखी ओएससी एवं अन्य भी उपस्थित थे।

Find Us on Facebook

Trending News