पटना में धूमधाम से मनाई गई ‘चित्रगुप्त पूजा’, कलम-दवात, बहीखातों की पूजा में उमड़ा जनसैलाब, देखें तस्वीरें...

पटना में धूमधाम से मनाई गई ‘चित्रगुप्त पूजा’, कलम-दवात, बहीखातों की पूजा में उमड़ा जनसैलाब, देखें तस्वीरें...

PATNA: कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितिया तिथि के दिन जहां भाई दूज का पर्व मनाया जाता है. वहीं, दूसरी ओर चित्रगु्प्त पूजा भी की जाती है. इस दिन कलम और दवात की पूजा का भी विधान है. इतना ही नहीं, इस दिन बहीखातों की पूजा भी की जाती है. चित्रगुप्त भगवान को यमराज का सहयोगी माना जाता है. मान्यता है कि चित्रगुप्त सभी प्राणियों के अच्छे-बुरे कर्मों का लेखा-जोखा रखते हैं. वहीं, कायस्थ लोगों के इस्ट देवता के रूप में भी चित्रगुप्त भगवान को पूजा जाता है. 

इस खास मौके पर राजधानी पटना के गर्दनीबाग स्थित ठाकुरबाड़ी में चित्रगुप्त पूजा का आयोजन किया गया. इसमें कायस्थ समाज के काफी लोग सम्मिलित हुए. ठाकुरबाड़ी के पुजारी ने बताया आज भगवान चित्रगुप्त का जन्मदिन मनाया जा रहा है. इस मौके पर कलश स्थापना करके पूजा अर्चना की गई. मंदिर के पुजारी ने बताया लोगों में भी इस पूजा को लेकर के काफी आस्था है काफी संख्या में लोग पूजा करने आए हैं.

विदित हो कि भगवान चित्रगुप्त को देवलोक धर्म अधिकारी के नाम से भी जाना जाता है. चित्रगुप्त का संबंध लेखन कार्य से होने के कारण इस दिन कलम और दवात की पूजा भी की जाती है. भगवान चित्रगुप्त का वर्णन पद्य पुराण, स्कन्द पुराण, ब्रह्मपुराण, यमसंहिता व याज्ञवलक्य स्मृति सहित कई धार्मिक ग्रंथों में है. माना जाता है कि चित्रगुप्त जी की उत्पत्ति सृष्टिकर्ता ब्रह्मा जी की काया से हुई है. वहीं, एक अन्य कथा के अनुसार चित्रगुप्त की उत्पत्ति समुद्र मंथन से बताई जाती है. समुद्र मंथन से 14 रत्न प्राप्त हुए थे. जिसमें इनकी उत्पत्ति लक्ष्मी जी साथ हुई.





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