बड़ी खबर : सीएम नीतीश ने शरद यादव से पिछले 15 दिनों में की कई बार बात, बीमार शरद को लालू और तेजस्वी ने पूछा तक नहीं

बड़ी खबर : सीएम नीतीश ने शरद यादव से पिछले 15 दिनों में की कई बार बात, बीमार शरद को लालू और तेजस्वी ने पूछा तक नहीं

PATNA : समाजवादी दिग्गज नेता शरद यादव जो देश की सियासत के कभी धुरी हुआ करते थे. उन्हें सियासत से दूर करने की कोशिश की जा रही है. शरद यादव पिछले 15 दिनों से बीमार थे और दिल्ली में मेदांता अस्पताल में भर्ती होकर अपना इलाज करा रहे थे. बताया जा रहा है कि आज मेदांता अस्पताल से उन्हें छुट्टी दे दी गयी है. उनके करीबी व लोकतांत्रिक जनता दल के प्रदेश महासचिव व मुम्बई ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष राजेन्द्र यादव ने बताया है कि शरद जी बिल्कुल स्वस्थ हैं. 

राजेन्द्र यादव बताते हैं कि शरद यादव और सियासत दोनों एक दूसरे के पूरक हैं. सामाजिक न्याय और विकास की सियासत उनके खून में है. इससे चाह कर भी कोई अलग नहीं कर सकता. देश की राजनीति में न जाने कितने लोगों को शरद यादव ने अपना संरक्षण दे कर कार्यकर्ता से नेता बनाया. इतिहास गवाह है कि शरद यादव की खूबी भी पद और कुर्सी की चाहत नहीं रही. यही वजह रहा कि उन्होंने आजतक तीन प्रधानमंत्री और सात मुख्यमंत्री बनाये. लेकिन कभी भी कुर्सी के मोह में नहीं फंसे. आज भले ही यह कोशिश है कि शरद यादव को दरकिनार किया जाय. लेकिन यह संभव नहीं है. लालू प्रसाद और उनके कुनबे के द्वारा लगातार शरद यादव को इग्नोर किये जाने से समर्थकों में आक्रोश है. 

नीतीश कुमार ने शरद यादव से चार बार बात

इन सबके बीच सूत्रों की माने तो सीएम नीतीश कुमार ने शरद यादव से पिछले 2 सप्ताह के अंदर कई बार बात की है और उनका कुशलक्षेम पूछा है. गौरतलब है की सीएम नीतीश कुमार से पहले शरद यादव ही जनता दल यू के अध्यक्ष हुआ करते थे. लेकिन जब से शरद यादव ने जनता दल यू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया. उसके बाद से सीएम नीतीश से उनके रिश्ते में खटास आ गया था. इसके बाद उन्होंने एक अपनी नई पार्टी लोकतांत्रिक जनता दल के नाम से बनाया. बाद में शरद यादव लालू प्रसाद यादव के साथ चले गए. 

शरद यादव पिछले 15 दिनों से दिल्ली के मेदांता अस्पताल में अपना इलाज करवा रहे थे. उनके अस्वस्थ होने की खबर जैसे ही सीएम नीतीश को मिली तो उन्होंने पिछले 15 दिनों में 4 दफा बात कर उनका हालचाल पूछा. वहीं दूसरी तरफ सूत्र बताते हैं कि लालू प्रसाद यादव और उनके पुत्र तेजस्वी यादव ने शरद जी का हाल चाल लेना भी मुनासिब नहीं समझा. जानकार बताते हैं कि राजद में तेजस्वी के राजनीतिक स्टाइल से शरद यादव अंदर अंदर नाराज चल रहे हैं. उनके समर्थकों को ऐसा लग रहा है कि शरद यादव जी को जानबूझकर इग्नोर किया जा रहा है. लेकिन इस बीच सीएम नीतीश और शरद यादव की बातचीत होने के बाद से लगातार नए कयास लगने लगे हैं. लोग यह भी जानना चाहते हैं कि क्या शरद यादव फिर से अपने पुराने खेमे में लौट जाएंगे और कोसी की  राजनीति में फिर सक्रिय हो जाएंगे. 

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