सम्राट अशोक की तुलना औरंगजेब से करना देश, मौर्य वंश और बौद्ध धर्म का अपमान है : विनय कुशवाहा

सम्राट अशोक की तुलना औरंगजेब से करना देश, मौर्य वंश और बौद्ध धर्म का अपमान है : विनय कुशवाहा

GAYA : राष्ट्रीय जनता दल के नेता विनय कुशवाहा ने कहा की आरएसएस समर्थक वरिष्ठ साहित्यकार, नाटककार और पूर्व आईएएस अधिकारी दया प्रसाद सिन्हा ने सम्राट अशोक का औरंगजेब से तुलना किया है जो पूरी तरह से मौर्यवंशी एवं बौद्ध धर्म का अपमान है। केंद्र के नरेंद्र मोदी सरकार ने दया प्रसाद सिन्हा को साहित्य अकादमी पुरस्कार 2021 से नवाजा है।

विनय कुशवाहा ने कहा कि केंद्र की सरकार ने सम्राट अशोक की तुलना औरंगजेब से करने का पुरस्कार साहित्य अकादमी पुरस्कार 2021 साहित्यकार दया प्रसाद सिन्हा को दिया है जो है दर्शाता है कि केंद्र की मोदी सरकार और आर एस एस किस तरह से बिहार, मौर्य वंश एवं बौद्ध धर्म का विनाश करने पर तुली है। नरेंद्र मोदी की सरकार और आर एस एस बौद्ध धर्म एवं सम्राट अशोक को औरंगजेब के साथ जोड़कर खत्म करने का साजिश रच रही है। सम्राट अशोक ने दुनिया के 60 देशों में बौद्ध धर्म का प्रचार प्रसार किया है और अहिंसा का बढ़ावा दिया। शांति और भाईचारे के लिए दुनिया में उनका संदेश आज भी अविस्मरणीय है।

कुशवाहा ने कहा कि सम्राट अशोक विश्व प्रसिद्ध शक्तिशाली भारतीय मौर्य वंश के सम्राट थे। उन्होंने अहिंसा को अपनाकर बौद्ध धर्म का संदेश पूरे दुनिया के अनेकों देशों में फैलाया। वैसे महापुरुष का तुलना औरंगजेब से करना मौर्यवंशियों के साथ बौद्ध धर्म के अपनाने वाले अनुयायियों के साथ कुठाराघात है। यह अन्याय मौर्य वंश के लोग बर्दाश्त करने वाले नहीं हैं। कुशवाहा ने कहा कि सम्राट अशोक का जन्म बिहार की धरती पाटलिपुत्र में हुआ था और उन्होंने शासन का विस्तार दुनिया के मानचित्र पर किया था। लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके साथ चलने वालों उपेंद्र कुशवाहा सरीखे नेता चुप्पी साधे बैठे हैं। क्योंकि वह भी (आर एस एस) के गोद में बैठे हैं। जिस तरह से सम्राट अशोक का अपमान वरिष्ठ लेखक दया प्रसाद सिन्हा ने किया है। वैसे व्यक्ति पर आवश्यक कार्रवाई होनी चाहिए। नहीं तो मौर्यवंशी चुप बैठने वाले नहीं हैं।

गया से मनोज कुमार की रिपोर्ट

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