दातुन वाले 'थानाध्यक्ष' का दरबारः हाफ पैंट-गंजी और मुंह में दातुन दबाये दारोगा जी चलाते हैं थाना...

दातुन वाले 'थानाध्यक्ष' का दरबारः हाफ पैंट-गंजी और मुंह में दातुन दबाये दारोगा जी चलाते हैं थाना...

MOTIHARI: बिहार के डीजीपी ने 15 दिन पहले ही पुलिसकर्मियों को चेतावनी दी थी कि कोई भी पुलिस पदाधिकारी या कर्मी वेल ड्रेस्ड यूनिफॉर्म में नहीं पाया जाता है तो अनुशासन की कार्रवाई की जाएगी.आज भी कई ऐसे पुलिस वाले हैं जो सीधे-सीधे डीजीपी के आदेश की खुली चुनौती दे रहे। एक थानेदार का वीडियो सामने आया है जिसमें वह हाफ पैंट-गंजी में और मुंह दबाये थाने में दरबार लगाकर फरियादियों को हड़का रहे हैं। थानाध्यक्ष का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा. वीडियो सामने आने के बाद थानाध्यक्ष ने अपनी सफाई दी है .

दातुन वाले थानाध्यक्ष का दरबार 

मामला मोतिहारी का है जहां एक दातुन वाले थानाध्यक्ष का वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो मोतिहारी के पताही थाना के थानाध्यक्ष का बताया जा रहा। वीडियो में दरोगा जी गंजी व हाफ पैंट पहने और मुंह में दातुन लिए थाना में बैठ कर फरियादी की बात सुन रहे और हड़का रहे। वीडियो सामने आने के बाद खूब चर्चा हो रही है। वीडियो में साफ दिख रहा कि  थानाध्यक्ष थाना में बैठकर फरियादियों से मिल रहे और डांट-फटकार भी रहे हैं। थानाध्यक्ष के बगल में कुछ लोग खैनी मल रहे हैं.

दातुन वाले दरोगा जी के दरबार में युवक लगा रहा फरियाद 

वीडियो में एक शख्स थानाध्यक्ष से जमीन संबंधी विवाद को लेकर फरियाद कर रहा है। मुंह में दातुन दबाये थानाध्यक्ष से फरियादी जमीन पर धारा-144 लगाने के लिए रिपोर्ट भेजने का गुहार लगा रहा। लेकिन थानाध्यक्ष कह रहे कि रिपोर्ट भेजेंगे जल्दी क्या है...हमने एक अफसर को जांच कर रिपोर्ट देने का जिम्मा दे दिया है। फरियादी गुहार लगा रहा कि सर कब भेजेंगे? इस पर थानाध्यक्ष ने फरियादी को जमकर फटकार लगाई। 

काम के दौरान वेल ड्रेस्ड यूनिफॉर्म पहनने का डीजीपी देते हैं सलाह

पताही थानेदार चंद्रिका प्रसाद का दातुन दबाये दरबार लगाने का वीडियो सामने आने के बाद खूब चर्चा हो रही है। लोग यह कहते नहीं थक रहे कि डीजीपी एक तरफ पुलिस को काम के दौरान वेल ड्रेस्ड यूनिफॉर्म पहनने की सलाह देते हैं वहीं ये दरोगा जी डीजीपी के आदेश को पलीता लगाते हुए वर्दी की बात कौन करे गंजी व हाफ पैंट पहनकर थाना चलते नजर आ रहे हैं । हालांकि थानाध्यक्ष ने इसके पीछे मजबूरी बताया है । दरअसल थानाध्यक्ष छापेमारी के दौरान गिर पड़े थे जिससे शरीर में कई जगहों पर चोट लगी थी। इस वजह से वे थाना के ऊपर अपने आवास में जाने में असमर्थ थे। कमर दर्द की वजह से उन्हें अधिक परेशानी हो रही थी। लिहाजा वे थाना के ग्राउंड फ्लोर में बने बाथरूम का उपयोग कर रहे। सुबह के समय जब वे बाथरूम से निकलकर ब्रश कर रहे थे इसी दौरान एक युवक आकर अपनी बात कहने लगा। इस दौरान वे वहीं कुर्सी पर बैठ गये।   

मोतिहारी से हिमांशु की रिपोर्ट


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