बिहार में महिला अभियंता पर जानलेवा हमला : बेसा के महासचिव डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने की सरकार से सुरक्षा देने की मांग, आंदोलन की भी दी चेतावनी

बिहार में महिला अभियंता पर जानलेवा हमला : बेसा के महासचिव डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने की सरकार से सुरक्षा देने की मांग, आंदोलन की भी दी चेतावनी

पटना. बिहार अभियंत्रण सेवा संघ के महासचिव डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने नगर विकास एवं आवास विभाग के अन्तर्गत नगर विकास प्रमण्डल संख्या-2, हिलसा, नालंदा की 26 वर्षीय महिला सहायक अभियंता दिव्या स्वर्णिम पर हुए  कायरतापूर्ण जानलेवा हमला की कड़ी निन्दा करते हुए अपराधो को गिरफ्तार करने की मंग की है. साथ ही सहायक अभियंता को सुरक्षा देने की भी मांग की है. वहीं उन्होंने मामले को लेकर पुलिस पर भी सावाल उठाया है. उन्होंने कहा कि घटना के चार दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं की है.

डॉ. चौधरी ने कहा कि घटना 29 सितम्बर के सायं 4.45 बजे की है, जब दिव्या स्वर्णिम पर सरकारी कार्य के निष्पादन के क्रम में स्थलीय निरीक्षण के दौरान आपराधिक प्रवृति के धनंजय कुमार उर्फ सम्मी एवं उनके पुत्र मोनु कुमार उर्फ साकिन द्वारा गाली-गलौज करते हुए जानलेवा हमला किया गया. इसमें सहायक अभियंता घायल हुए हैं. उन्होंने कहा कि आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी भी दे रहा है. घटना के 96 घंटे बीत जाने के बाद भी अपराधी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है एवं न ही महिला अभियंता को सुरक्षा प्रदान की गई है, जिससे अभियंता एवं उनके परिवार डर के साये में जीने को मजबूर हैं.

साथ ही उन्होंने बताया कि अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद है कि वे पुरूष के साथ अब महिला अभियंताओं पर भी हमले कर रहे हैं. निकट भविष्य में 350 से अधिक महिला अभियंताओं का पदस्थापन होना है. ऐसे में सरकार द्वारा अभियन्त्रण सुरक्षा बल का गठन नहीं किया जाना आश्चर्यजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है. साथ ही अभियंताओं की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है. उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि जिन अभियंताओं के अथक परिश्रम से आज बिहार का डंका पूरे भारत और विश्व में बज रहा है, उनकी एवं उनके परिवार की सुरक्षा के लिए सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है.

डॉ. चौधरी ने आगे कहा कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं,  लेकिन अभियंता आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के हमलों एवं धमकी के आगे झुकने वाले नहीं है. बिहार के विकास कार्यों में लगे अभियंता पहले भी अपनी प्राण की आहुति देते आये हैं और जरूरत पड़ने पर आगे भी देते रहेंगे. एक तरफ जिलों में प्रशासनिक पदाधिकारियों द्वारा अभियंताओ की प्रताड़ना एवं दूसरी तरफ आपराधिक हमले के बीच बिहार अभियन्त्रण सेवा संघ सरकार एवं बिहार की जनता को आश्वस्त करना चाहती है कि अभियंता समाज बिहार को विकास की नई ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए कोई कसर नहीं छोडेंगे.

उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी राज्य के विकासात्मक कार्य में लगे अनेकों अभियंताओं की हत्या की जा चुकी है. बाबजूद इसके सरकार अभियंताओं की सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं है, जो आश्चर्य जनक है. कारवाई के नाम पर "जाँच करने एवं कारवाई हो रही है" जैसे आकर्षक मुहावरे का प्रयोग किया जाता रहा है. उन्होंने कहा कि अगर राज्य के विकास को पंख लगाने हैं, तो अभियंताओं के जान माल की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी.

ज्ञातव्य है कि अभियंताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभियंत्रण सुरक्षा बल के गठन की मांग सहित चौदह सूत्री मांग मुख्यमंत्री को सौंप गया है. लेकिन इस दिशा में सरकार की तरफ से कोई कारवाई नहीं हुई है, इससे अभियंताओं को डर के साये में जीने को मजबूर होना पड़ रहा है. बिहार अभियन्त्रण सेवा संघ इस घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों की गिरफ्तारी एवं अभियंता तथा उनके परिवार की सम्पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए अभियंताओ की सुरक्षा के लिए अभियंत्रण सुरक्षा बल के गठन की मांग करता है. अन्यथा अभियंता राज्यव्यापी आन्दोलन करेंगे.

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