झरिया के एएसआई साहब केस खत्म करने के नाम पर मांगते हैं कैश, ऑडियो वायरल

झरिया के एएसआई साहब केस खत्म करने के नाम पर मांगते हैं कैश, ऑडियो वायरल

Dhanbad: पुलिस के कारनामों के किस्से अक्सर सुनने को मिलते हैं. मामला रफा-दफा करने को लेकर पुलिस पर अक्सर पैसे लेने के आरोप लगते हैं. कुछ इसी तरह का मामला जिले में सामने आया है. झरिया के रहने वाले हैदर ने पुलिस किस तरह पैसों के लिए मामले को रफा दफा करने के लिए पैसों की डिमांड करती है, इस बात का खुलासा किया है.

हैदर ने पुलिस से बातचीत का एक ऑडियो मीडिया को सौंपा है, जिसमें पुलिस उससे चोरी के एक मामले को रफा दफा करने के लिए पैसे की मांग कर रही है. हैदर का दावा है कि यह ऑडियो झरिया थाना में पदस्थ एक एएसआई का है. ऑडियो में एएसआई अपना नाम भी बोल रहा है.

फोन की घंटी बजती है और सामने से आवाज आती है. हम झरिया थाना से बोल रहे हैं. हैदर बोल रहे हो. मामले के बारे में हिंट्स देते हुए पुलिस अधिकारी कहता है कि देखो तुम लोग बोले थे कि कोम्प्रोमाइज कर लेंगे. उसमें 10-12 हजार दे देगा. सब मिलाकर 20-25 हजार दे दो तो हम केस को खत्म कर देंगे और नहीं केस को खत्म कराएगा तो जाकर बेल कराना पड़ेगा, फिर गवाही करानी पड़ेगी. ऊपर से साबित भी हो जाएगा कि चोर यही सब हैं.

पुलिस अधिकारी के बाद हैदर कहता है कि हम तो चोरी में शामिल थे भी नहीं, लेकिन पुलिस मुझे पकड़कर थाना लाई. 6-7 हजार थाना में देने के बाद पुलिस द्वारा मुझे छोड़ा गया. हैदर गरीब होने की दुहाई पुलिस अधिकारी को देता है और कहता है कि हम काम धंधा नहीं करते इतने पैसे कहां से लाएंगे. इस पर पुलिस अधिकारी कहता है कि जो पहले हुआ उसका भागी हम नहीं है. केस हमारे पास है. तुम बोले थे कि कोम्प्रोमाइज कर लेंगे. फिर पुलिस अधिकारी पैसे की बात पर आता है. इस बार 10-12 हजार से सीधे 5 हजार पर आकर वह रुपए की मांग करता है. रुपए देने पर केस खत्म कर देंगे. पुलिस अधिकारी ने कहा कि डायरी की मांग की गई है. जब हम डायरी भेज देंगे तो फिर हम कुछ नही कर सकेंगे. फिर दोनों के बीच पर्व के बाद मिलने की बात होती है और पुलिस अधिकारी कहता है कि शमशाद को भी कहना कि हमसे मिल लेगा. फिर पुलिस अधिकारी किसी मुर्गे के बारे में कहा कि वह बरगला कर रखा. डायरी भेजने से पहले हम एक बार तुमसे बात कर लिए. यदि तुम तैयार होते हो तो ठीक है. नहीं तो हम डायरी भेज देते. इसलिए हम फोन किए थे. इस पूरे ऑडियो के बारे में जानकारी देते हुए हैदर ने जानकारी देते हुए बताया कि 25 अप्रैल 20 को झरिया थाना क्षेत्र के नागो यादव द्वारा झरिया थाना में गाय चोरी की शिकायत दर्ज कराई गई थी.शिकायत में शमशाद और उसे यानी हैदर को गाय चोरी में नामजद आरोपी बनाया गया था. नागो को किसी बुधन ने दोनो के द्वारा खटाल से गाय चोरी करने की बताई गई थी. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में शमशाद और हैदर को पकड़ कर थाने ले आई, जहां से पूछताछ के बाद पीआर बांड भरवाकर उसे पुलिस द्वारा छोड़ दिया गया था.

हैदर ने आरोप लगाया कि पुलिस ने छोड़ने के समय रुपए लिए थे. अब फिर से पुलिस रुपए की डिमांड कर रहा हैं. हैदर का कहना है कि वह बेकसूर है. मुझे इस मामले में फंसाया गया है. हैदर ने बताया कि 27 अगस्त को झरिया थाना के पुलिस अधिकारी द्वारा फोन किया गया था, जिसकी बातचीत हमने रिकॉर्डिंग की है. हैदर ने बताया कि इसके पहले मुर्गी वाला पुलिस को पैसे देने के लिए परेशान कर रहा था. गाय चोरी होने की शिकायत दर्ज कराने वाले नागो यादव का कहना है कि 25 अगस्त को शिकायत थाना में दर्ज कराने के बाद भी पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नही की गई है.


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