बिहार में आर्थिक आधारित गणना के आंकड़े जारी, सवर्णों में कायस्थ जाति के लोगों के पास है सबसे अधिक सरकारी नौकरी, बिहार में इस वर्ग के इतने हैं सरकारी नौकरी में .....

बिहार में आर्थिक आधारित गणना के आंकड़े जारी, सवर्णों में काय

बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया।भाजपा के  विधायकों ने कुर्सी उठा ली.सत्र के शुरू होते ही सदन के पटल पर जाति आधारिक गणना की आर्थिक रिपोर्ट पेश कर दी गई.रिपोर्ट की कॉपियां सभी विधायकों को बांटी गई . इस दौरान भाजपा ने  कानून व्यवस्था के मुद्दे पर नीतीश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. इस बीच आर्थिक शैक्षणिक सर्वे रिपोर्ट पेश कर दी गयी है. आंकड़ों के मुताबिक राज्य में 34.13 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय मात्र 6 हजार रुपए हैं.  नीतीश सरकार ने बिहार विधानसभा में जाति एवं आर्थिक सर्वे की रिपोर्ट पेश कर दी . इस रिपोर्ट के मुताबिक राज्य की करीब एक तिहाई आबादी गरीब है. बिहार के 34.13 फीसदी परिवारों की मासिक आय महज 6 हजार रुपये है. सरकार ने इन्हें गरीबी की श्रेणी में डाला है. 

बिहार में आबादी की शैक्षणिक स्थिति का जो रिपोर्ट आया है उसके अनुसार बिहार की 22.67 आबादी के 1 से 5 वीं तक की शिक्षा ग्रहण कर पाई है वहीं वर्ग 6 से 8 तक की शिक्षा 14.33 फीसदी आबादी के पास है. बिहार सरकार के रिपोर्ट के अनुसार वर्ग 9 से 10 तक की शिक्षा 14.71 फीसदी आबादी ग्केरहण कर पाई है तो वहीं वर्ग 11 से 12 तक की शिक्षा 9.19 फीसदी आबादी को नसीब हो पाया है. वहीं ग्रेजुएट की शिक्षा  बिहार की मात्र 7 फीसदी जनता को नसीब हो पाया है.  समझा जाता है कि यह रिपोर्ट समाज के साथ राजनीतिक समीकरण को भी प्रभावित करेगी. पिछड़ों एवं अति पिछडों को संख्या के अनुसार आरक्षण का दायरा बढ़ाने की मांग पहले से चल रही है.

वहीं सामान्य वर्ग में 10 से 20 हजार मासिक आय 19% आबादी है. 20 से 50 हजार मासिक आय 16% आबादी है.50 हजार से ज्यादा मासिक आय वाले 9% हैं। छह हजार मासिक आय वाले 25% हैं  .

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बिहार में  किस वर्ग को कितनी सरकारी नौकरी

सामान्य वर्ग के पास 6 लाख 41 हजार 281 व्यक्ति को नौकरी, कुल फीसदी 3.19 

भूमिहार जाति के पास सरकारी नौकरी में हिस्सेदारी 1 लाख 87 हजार 256, 4.99 फीसदी

ब्राह्मण जाति के पास सरकारी नौकरी में हिस्सेदारी 1 लाख 72 हजार 259, 3.60 फीसदी

राजपूत जाति के पास सरकारी नौकरी में हिस्सेदारी 1 लाख 71 हजार 933, 3.81 फीसदी

कायस्थ जाति के पास सरकारी नौकरी में हिस्सेदारी 52 हजार 490, 6.68 फीसदी

शेख जाति के पास सरकारी नौकरी में हिस्सेदारी  39 हजार 595, .79 फीसदी

पठान जाति क पास सरकारी नौकरी में हिस्सेदारी 10 हजार 517, 1.07 फीसदी

सैयद जाति के पास सरकारी नौकरी में हिस्सेदारी 7 हजार 231, 2.42 फीसदी

तेली : 53 हजार 56, 1.44 फीसदी

मल्लाह : 14 हजार 100, 0.41 फीसदी

कानू : 34 हजार 404, 1.19 फीसदी

धानुक : 33 हजार 337, 1.19 फीसदी

नोनिया : 14 हजार 226, 0.57 फीसदी

चंद्रवंशी : 31 हजार 200, 1.45 फीसदी

नाई : 28 हजार 756, 1.38 फीसदी

बढ़ई : 20 हजार 279, 1.07 फीसदी

हलवाई : 9 हजार 574, 1.20 फीसदी

पांच दिवसीय सत्र के दूसरे दिन सदन शुरू होने से पहले भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों ने वेल में आकर हंगामा शुरू कर दिया. आर्थिक सर्वेक्षण को लेकर डिबेट करने को लेकर भाजपा विधायक हंगामा करने लगे. भाजपा विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी ने समझाने की कोशिश लेकिन भाजपा विधायक नहीं माने. इसके बाद कुर्सी और टेबल भी उठाने की कोशिश करने लगे. हालांकि, मार्शल ने ऐसा करने से रोक दिया. हंगामा को देख विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.भाजपा विधायक हरि भूषण ठाकुर बचौल ने कहा कि बिहार में कानून का राज खत्म हो चुका है. सरकार वोट के लिए तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है. नौकरी देने के नाम पर घोटाला हो रहा है. सीएम नीतीश कुमार को इस्तीफा दे देना चाहिए.