अरबों रु डकार गए अफसर: पत्र भेजते-भेजते थक गया शिक्षा विभाग पर खर्च का हिसाब नहीं दे रहे अधिकारी

अरबों रु डकार गए अफसर: पत्र भेजते-भेजते थक गया शिक्षा विभाग पर खर्च का हिसाब नहीं दे रहे अधिकारी

Patna: बिहार के अफसरों में सरकार की चाबुक का भय खत्म हो गया है। अधिकारी सरकारी राशि खर्च करने में तो आगे रखते हैं लेकिन हिसाब देने में पसीने छूटते हैं। सुशासन राज के अफसर इस कदर थेथर हो गए हैं कि अब उन्हें सचिवालय के किसी आदेश से कोई खौफ नहीं होता। शिक्षा विभाग पत्र भेजते भेजते थक गया लेकिन सुशासन  के अधिकारी सरकारी राशि खर्च का हिसाब नहीं दे सके। अपने अफसरों के कृत्य से शिक्षा विभाग परेशान है। कोर्ट और वित्त विभाग से भी शिक्षा विभाग को भारी नाराजगी झेलनी पड़ती है। लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारी दो दशक के खर्च का हिसाब ही नहीं दे रहे।

अब एक बार फिर से प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी और डीपीओ को पत्र लिखा है। पत्र में सभी लंबित उपयोगिता एसी डीसी विपत्र को तत्काल जमा करने का आदेश दिया है। निदेशक ने इसके लिए तारीख भी तय कर दिया है। पत्र में कहा गया है कि बार-बार निर्देश के बावजूद अभी भी आपके जिले में विभिन्न योजनाओं की वर्ष 2002 से व्यय की गई राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र तथा भवन, उपस्कर,प्रयोगशाला, परिभ्रमण का एसी विपत्र पर निकासी की गई राशि का समंजन नहीं किया गया है। इन सभी योजनाओं की उपयोगिता एवं डीसी विपत्र लंबित रहने के कारण आगे की योजनाओं की राशि निकासी में भारी परेशानी हो रही है। इसके साथ ही वित्त विभाग तथा न्यायालय द्वारा इसका अनुश्रवण किया जा रहा है। विभाग को इसके लिए नाराजगी भी झेलनी पड़ रही है।

कोरोना काल में विद्यालय में पढ़ाई नहीं हो रही है। शिक्षकों से इस अवधि में सभी प्रकार की योजनाओं की लंबित उपयोगिता एसी डीसी विपत्र के समायोजन को प्राथमिकता देकर पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। वित्तीय वर्ष 2002 से अद्यतन व्यय की गई एक-एक योजना की राशि की खोज कर शत प्रतिशत उपयोगिता एवं डीसी विपत्र जमा करें। निदेशक ने इसके लिए प्रमंडल वाइज तारीख तय किया है। भागलपुर दरभंगा एवं पूर्णिया प्रमंडल के लिए 26 अप्रैल,कोसी मगध एवं पटना के लिए 27 अप्रैल और तिरहुत सारण एवं मुंगेर के लिए 28 अप्रैल की तारीख तय की गई है।

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