बाघों से भरे इस जंगल में बसे इस मंदिर में पूजा करने से पूरी होती है हर मन्नत, मंदिर की चौखट तक आते हैं बाघ

बाघों से भरे इस जंगल में बसे इस मंदिर में पूजा करने से पूरी होती है हर मन्नत, मंदिर की चौखट तक आते हैं बाघ

BETIA : बिहार का इकलौता प.चंपारण जिला स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व, जिसकी चर्चा इन दिनों इसलिए हो रही है कि यहां के बाघ आदमखोर हो गए हैं और पिछले दो महीने में पांच लोगों को अपना शिकार बना चुके। बीते शनिवार को ही बाघों ने एक मवेशी के बच्चे को अपना शिकार बनाया है। इन्ही बाघों से भरे जंगल में बसा है  नर देवी माता का मंदिर जिसे आल्हा रुदल की घर का देवता माना जाता है। शारदीय नवरात्र व चैत्र नवरात्र के सप्तमी से दशमी तक यहा पड़ोसी देश नेपाल व बिहार , यूपी से हजारो की संख्या मे भक्त माता का आशीर्वाद लेने आते है।   

भारत नेपाल की सीमा पर स्थित वाल्मीकि टाईगर रिजर्व जंगल जो की बाघो के लिए रिजर्व जंगल है। साथ ही यह वाल्मीकि की तपोभूमी भी रही है कई ईतिहासों को बसा रखा है जो कि आज भी रमणीक जगहों मे एक है।  इसी जंगल मे माता नर देवी का मंदिर है। मंदिर के पुजारी खाटू श्याम बाबा ने बताया कि यहां कभी माता का परम भक्त आल्हा व रुदल के पिता जासर व झगरू रहा करते थे । वह नित्य माता का पूजा बड़ा ही श्र्द्धा से किया करते थे । एक दिन झगरु व जासर मे भूमी को लेकर विवाद हुआ और तभी जासर ने झगरु का पूजा करते समय ही उसका सर काट बली चढ़ा दिया | उसके बाद यहा से जासर मध्य प्रदेश के मैहर चले गए | तभी से इस माता का नाम नर देवी पड़ा।

पूरी होती है मन्नत

खाटू श्याम बाबा ने बताया की यहा जो भी भक्त दिल से कोई भी मन्नत मांगते है माता वह जरूर ही पूरा कर देती है। यहां सबसे ज्यादा शारदीय नवरात्र व चैत्र नवरात्र के सप्तमी से नवमी तक हजारो की संख्या मे भक्त  आते है माता का दर्शन करने। यहा नर देवी माता का पिंडी का पूजा होता है। आल्हा रुदल के पिता झगरु व जासर थे । आज भी मैहर मे आल्हा रुदल आते है माता मैहर मे पूजा करने एसी मान्यता है ।

यूपी के सिसवाबाजार से आए भक्त ने बताया की हमे कोई संतान नही होता था हम भी जब यहां आए और पूजा कर संतान की मनोकामना मांगी जो पूरा हुआ है आज हम यहा एक बार फिर यहा आकार माता का आशीर्वाद लेने आए है।  वही प.चंपारण जिला के रामनगर निवासी रौशन कुमार झुनझुनवाला ने बताया कि माता की महिमा अपरंपार है। यहा दिल से कोई भी भक्त अपनी मनोकामना मांगता है माता उनकी झोली भर देती है |

मंदिर में दर्शन करने आते हैं बाघ

 पुजारी खाटू श्याम बाबा ने बताया  कि नर देवी माता आल्हा रुदल का घर की पूज्यमान देवी है। मंदिर कैंपस मे आज भी वह कूआ है जहा पहले झगरु व जासर स्नान कर पूजा किया करते थे। शारदीय नवरात्र हो या चैत्र नवरात्र या हो कोई दिन पुजारी ने यह भी बताया की आज भी यहा माता की सवारी बाघ मंदीर के शिलापट्ट पर आकार माता का दर्शन कर चला जाता है जिसे कई लोगो ने देखा भी है। 

 


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