फर्जी केस को लेकर DIG का फरमान, अब 10 घंटे के अंदर करवाना होगा काउंटर केस

फर्जी केस को लेकर DIG का फरमान, अब 10 घंटे के अंदर करवाना होगा काउंटर केस

पटना पुलिस का बड़ा फरमान...डीआईजी राजेश कुमार ने कहा कि अब केस होने के दस घंटे के अंदर ही काउंटर केस दर्ज करवाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में यह देखने को मिला है कि जब कोई पीड़ित थाना में केस करने जाता है तो पुलिस के द्वारा केस दर्ज कर लिया जाता है और अभियुक्तों के खिलाफ जांच शुरू कर दी जाती है, इसी बीच अभियुक्तों के द्वारा एक या दो दिन के बाद पीड़ित के खिलाफ काउंटर केस दर्ज करवा दिया जाता है। 

ऐसा अभियुक्त के द्वारा स्वयं को बचाने के लिए और पीड़ित को परेशान करने के लिए तथा केस में सुलह का दबाव बनाने की मंशा से किया जाता है। कई बार थानों की भूमिका भी ऐसे मामलों के दर्ज करने में काफी संदिग्ध पायी जाती है, जिससे कांड में पीड़ित को न्याय मिलने में देरी होती है और काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि आज 1 अगस्त से प्रभावी इस आदेश का पालन हर हाल में पटना और नालंदा जिला में किया जायेगा। उन्होंने आदेश की प्रति सभी संबंधित पुलिस अधिकारियों को भेज दी है।

साथ ही डीआईजी ने कहा कि यदि पर्यवेक्षण के दौरान पहले जिसने केस दर्ज करवाया है। वह घटना करने या करवाने का मुख्य दोषी पाया जाता है तो अभियुक्त बनाये गये दूसरे पक्ष को न्याय दिलवाने का काम पर्यवेक्षणकर्ता पुलिस पदाधिकारी द्वारा किया जाना चाहिए। डीआईजी ने आदेश जारी करते हुए साफ कहा है कि अब किसी भी थाने में 10 घंटे के बाद कोई काउंटर केस दर्ज नहीं किया जायेगा। इस आदेश का सीधा अर्थ यह हुआ कि थाने में अगर किसी एक पक्ष ने दूसरे के खिलाफ केस दर्ज कराया तो दूसरे पक्ष को दस घंटे के अंदर ही काउंटर केस करना होगा नहीं तो फिर बाद में दूसरा पक्ष केस दर्ज नहीं करवा पायेगा।

डीआईजी राजेश कुमार का मानना है कि ऐसे मामलों में कई बार थानों की भूमिका भी संदिग्ध पायी जाती है। काउंटर केस कराने वाले व्यक्ति का असली मकसद स्वयं को बचाना और दूसरे को फंसाना होता है। डीआईजी कहते हैं, अब यह व्यवस्था नहीं चलेगी।


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