देश में चार करोड़ अस्सी लाख मुकदमे पेंडिंग, देरी से जनता के बीच न्यायपालिका खो रही विश्वास

देश में चार करोड़ अस्सी लाख मुकदमे पेंडिंग, देरी से जनता के बीच न्यायपालिका खो रही विश्वास

PATNA : देश के सुप्रीम कोर्ट से ले कर  निचली अदालतों में बड़ी संख्या में मुकदमें सुनवाई के लिए लंबित हैं।लगभग चार करोड़ अस्सी लाख मुकदमें सुनवाई हेतु विभिन्न अदालतों में लंबित है। ये स्थिति चिंताजनक हैं। यह कहना  है कि पटना हाईकोर्ट के वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा का। 

उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी तादाद में सुनवाई के लिए लंबित होना मुश्किलें पैदा कर सकता है। जब लोगों समय पर प्रभावी न्याय नहीं प्राप्त होगा, तो न्यायापालिका पर लोगों का विश्वास कम होगा।

जजों की संख्या बढ़ाने की जरुरत

कोर्ट में केसों के पेंडिंग होने को लेकर योगेश चंद्र वर्मा ने एक बड़ी वजह भी बताई है। उन्होंने कहा कि इसका एक प्रमुख कारण है कि आबादी और मुकदमों के अनुपात में जजों की संख्या काफी कम होना।साथ जो स्वीकृत पद है,उन्हें भी पूरी तरह नहीं भरा गया हैं।जजों की संख्या हर स्तर पर बढ़ाने की।आवश्यकता है।

सरकार को करनी होगी पहल

उन्होंने कहा कि इसमें सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका है। केंद्र सरकार को इस मामले शीघ्रता से पहल करना चाहिए।  जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया तो सरकार द्वारा ही की जाती है।


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