गंडक नदी के कटाव में बह गए बिजली के पोल, आधा दर्जन सीमावर्ती गांवों में 2 साल से पसरा अँधेरा

गंडक नदी के कटाव में बह गए बिजली के पोल, आधा दर्जन सीमावर्ती गांवों में 2 साल से पसरा अँधेरा

BAGAHA : कहा गया है कि नियम और कानून जनता के भलाई के लिए ही बनाए जाते हैं। आम जनता को उसका लाभ नहीं मिलने की स्थिति में उसमें समय समय पर सुधार भी किया जाता है। फिर ऐसे नियम या कानून से क्या फायदा जिससे हजारों आदमी त्रस्त हो रहा हो, या उसको लाभ मिलने के बजाए जनता को नुकसान हो रहा हो। ऐसे ही कानून और नियम की सजा भुगतने पर मजबूर हैं उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र के उत्तर प्रदेश निवासी हजारों लोग। इन ग्रामीणों की गलती बस इतनी है कि इनका जन्म ऐसे स्थान पर हुआ है जहां वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (विटीआर) तथा गंडक नदी की घेराबंदी है ।

बताते चलें कि करीब आधा दर्जन गांव के हजारों लोग पिछले 2 सालों से अंधेरे में रहने के लिए मजबूर है। कारण यह है कि गंडक नदी के कटाव ने इनकी जमीन को अपने में समाहित कर लिया साथ ही बिजली के पोल व तारों भी जल विलीन हो गए। तब से अबतक यहां के लोग अंधेरे में जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों की समस्या पर गंभीरता दिखाते हुए खड्डा विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने पहल की और बिजली विभाग को यथा शीघ्र उन गांव तक बिजली पंहुचाने का निर्देश दिया। बिजली विभाग हरकत में आई तो उसके कदम पर वीटीआर के नियम और कानून ने बेड़ी लगा दिया।

मिली जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती मरचँहवा, शिवपुर, बसंतपुर, हरिहरपुर, नारायणपुर आदि आधा दर्जन गांवों में गंडक नदी के कटाव के कारण बिजली का खंभा नदी में विलीन हो गया। जिससे  पिछले 2 सालों से बिजली नहीं जाने के कारण लोग अंधेरे में रहने के लिए मजबूर है। जिस पर खड्डा विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने संज्ञान लेते हुए बिजली विभाग को उक्त गांव में बिजली पहुंचाने के लिए पत्र लिखा। बिजली विभाग ने तुरंत पोल लगाने का काम शुरू किया जिस पर  विटीआर ने रोक लगा दिया। मामला खड्डा एसडीएम अरविंद कुमार के पास पहुंचा। एसडीएम ने के वन प्रमंडल 2 के डीएफओ डॉक्टर नीरज नारायण से एक बैठक के लिए पत्राचार किया। जिस पर नीरज नारायण ने प्रशिक्षु एसीएफ अनीता राज को वीटीआर के प्रतिनिधि के तौर पर बैठक में शामिल होने के लिए आदेशित किया और सोमवार को वन विश्रामागार मदनपुर में इससे संबंधित बैठक हुई। जिसमें निर्णय लिया गया कि सर्वप्रथम उक्त जमीन की पैमाइश की जाए कि वह जमीन उत्तर प्रदेश सरकार की है या वीटीआर के अधीन। उसके बाद आगे की प्रक्रिया पर निर्णय लिया जाएगा। जिसके लिए दोनों पक्षों ने सहमति बनी। यह तय हुआ कि और कहा कि यूपी व विटीआर के तमाम पदाधिकारियों के साथ अमीन व राजस्व अधिकारी मौजूद रहेंगे। एसीएफ अमिता राज ने वरीय अधिकारियों से विमर्श कर अनुमति प्राप्त करने की बात कही। साथ ही विटीआर के मैनुअल के अनुसार नियम संगत कार्रवाई का आश्वासन दिया। मौके पर खड्डा एसडीएम अरविंद कुमार, खड्डा विधायक जटाशंकर त्रिपाठी, खड्डा डीएसपी शिवाजी सिंह, खड्डा रेंजर बीके यादव, खड्डा थाना प्रभारी आर के यादव, बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता (एसी), कार्यपालक अभियंता के साथ जेई आदि मौजूद रहे वहीं प्रशिक्षु एसीएफ अमिता राज वीटीआर के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित रही।

बगहा से माधवेन्द्र पाण्डेय की रिपोर्ट 

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