खुशखबरी! दिसंबर में खत्म होगा 30 साल का इंतजार, नए राम मंदिर में होंगे रामलला के दर्शन, एक दिन में आ सकते हैं पांच लाख भक्त

खुशखबरी! दिसंबर में खत्म होगा 30 साल का इंतजार, नए राम मंदिर में होंगे रामलला के दर्शन, एक दिन में आ सकते हैं पांच लाख भक्त

AYODHYA : राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक ने दो दिनों की बैठक के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने यह साफ कर दिया है कि मंदिर की नींव का जो थोड़ा बहुत कार्य बचा है वह 15 सितंबर तक समाप्त हो जाएगा इसके बाद प्लिंथ ऊंचा करने अर्थात जंहा से मिर्जापुर के पत्थरो का उपयोग होगा वह कार्य अक्टूबर माह के अंत तक शुरू हो जाएगा जबकि दिसम्बर 2023 तक राम मंदिर के ग्राउंड फ्लोर की स्थापना और रामलला की प्राण प्रतिस्ठा हो जाएगी इसी दिसम्बर माह के अंत तक भव्य राम मंदिर में रामलला का दर्शन कर सकेंगे इसलिए मंदिर ट्रस्ट और निर्माण समिति की बैठक में इस बात पर खास तौर पर चर्चा हुई कि अगर एक साथ लाखो लोग दर्शन करने आ गए तो उन सभी को कैसे व्यवस्थित रूप से दर्शन कराया जाएगा क्योंकि अयोध्या में पड़ने वाले प्रमुख मेले में लगभग 500000 से ज्यादा रोजाना राम भक्त दर्शन करेंगे ऐसे में हर एक राम भक्तों को अपने आराध्य प्रभु श्री राम के दर्शन करें किसी को कोई समस्या ना हो इसका खासा ध्यान रखा जाएगा । 

राम मंदिर निर्माण का चरण जैसे जैसे पूरा हो रहा आगे निर्माण के तरीकों को लेकर हर कोई जानना चाहता है ट्रस्ट की माने तो नीव का कार्य सितंबर में समाप्त होने के बाद अक्टूबर में शुरू होने वाले प्लिंथ के कार्य मे मिर्जापुर के लगभग 4 लाख घनफुट पत्थरो का का उपयोग किया जाएगा प्लिंथ का कार्य पूरा होने के बाद मंदिर के ग्राउंड फ्लोर का कार्य शुरू होगा। 

कल्याण सिंह के नाम पर हो सकती है मंदिर तक जानेवाली सड़क

रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय के अनुसार अभी नींव का काम कुछ है वह सितंबर में पूरा होगा हो सकता है 15 सितंबर तक पूरा कर लेगे प्लिंथ ऊंचा करने का काम अक्टूबर अंत में प्रारंभ कर देंगे। प्लिंथ में भी पत्थर लगना है। ग्रेनाइट लगना है। मिर्जापुर का स्टोन लगना है लगने वाला पत्थर भी अनुमान है कि 400000 घन फुट होगा इसलिए यह काम हम अक्टूबर में प्रारंभ कर देंगे। ऐसी प्लानिंग पर काम चला है। सरकार का निर्णय है वैसे तो आज मंदिर निर्माण की जो सामग्री प्रवेश करती है क्रॉसिंग 3 वह सड़क भी 1992 के जुलाई माह में कल्याण सिंह की सरकार ने ही बनाई थी। वह भी कल्याण सिंह मार्ग ही है यह जो नया मार्ग है इसको नाम रखने की सरकार की योजना है यह सरकारी योजना है । 


श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में सबसे अधिक जिस बात पर चर्चा हुई वह थी अगर किसी दिन दर्शनार्थी 1 लाख से लेकर 5 लाख तक आ गए तो उनको कैसे व्यवस्थित दर्शन कराया जाएगा क्योंकि राम मंदिर राष्ट्र की माने तो दिसंबर 2023 तक श्री राम जन्मभूमि मंदिर के ग्राउंड फ्लोर का कार्य पूरा हो जाएगा और रामलला अपने भव्य और दिव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठित हो जाएंगे जबकि दिसंबर माह के अंत तक श्रद्धालु रामलला का दर्शन उनके भव्य मंदिर में कर सकेंगे इसीलिए राम मंदिर ट्रस्ट का अनुमान है कि मंदिर बनने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आएंगे और यह संख्या लाखों में हो सकती है इसलिए ट्रस्ट अभी से श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक दर्शन कराने की तैयारी में है । 

दर्शन के लिए आनेवाले भक्तों की व्यवस्था पर बन रही है योजना

रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय ने बताया कि  दिसंबर 2023 तक गर्भ ग्रह में भगवान का दर्शन कर सकें। अभी विचार हुआ है सामान्य परिस्थितियों में एक लाख दर्शनार्थी भक्त अयोध्या आएंगे। दर्शन कैसे होंगे तिरुपति देवा देवस्थान में दर्शन कैसे होते हैं 100000 भक्त आएंगे एक व्यक्ति भगवान का दर्शन कर सके कितनी देर लगेगी ऐसी गणित की गई है और बहुत ही बारीकी से अध्ययन हो रहा है। कई प्रकार के काम एक साथ भी करेंगे हम मंदिर में लगने वाले पत्थरों का फिटिंग परकोटा रिटेनिंग वॉल कई गतिविधियां एक साथ चलाने की योजना पर भी चिंतन हुआ है लेकिन इको फ्रेंडली सारा क्षेत्र हो यदि एक ही दिन में 5 लाख लोग आ गए तो वह भी समा जाएं व्यवस्थित रहे दुर्घटनाएं ना हो ऐसी बारीकियों पर चिंतन हुआ है।

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