गोप गुट की मांग : TET शिक्षकों को सहायक शिक्षक एवं राज्यकर्मी की भांति सेवाशर्त दे सरकार

गोप गुट की मांग : TET शिक्षकों को सहायक शिक्षक एवं राज्यकर्मी की भांति सेवाशर्त दे सरकार

Patna :  अगस्त क्रांति दिवस के मौके पर टीइटी एसटीइटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ गोपगुट बिहार ने सरकार से टीइटी एसटीइटी शिक्षकों के वेतन एवं सेवाशर्त के मसले पर जल्द से जल्द निर्णय लेने की अपील की है। 

टीइटी एसटीइटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ गोपगुट के प्रदेश अध्यक्ष मार्कंडेय पाठक ने कहा कि शिक्षा का अधिकार कानून एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय के न्यायिक सुझावों के आलोक में पुनर्गठित सेवाशर्त कमिटी को टीइटी एसटीइटी शिक्षकों के मसले पर जल्द से जल्द ठोस निर्णय लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बहाली के लिए क्वालिटी टीचर्स को प्रोत्साहित करना अपरिहार्य है, लिहाजा सरकार टीइटी एसटीइटी शिक्षकों को सहायक शिक्षकों के विनिर्दिष्ट वेतन भत्ते के अनुरूप सांतवे वेतन आयोग में वर्णित वेतन भत्ते एवं अन्य सुविधाए दे।

मार्कंडेय पाठक ने कहा कि टीइटी- एसटीइटी शिक्षकों के लिए अंतर्जिला स्थानान्तरण, प्रौन्नति, पदौन्नति, इपीएफ, ग्रेच्युटी, अर्जित अवकाश, मातृत्व पितृत्व व शिशु देखभाल अवकाश समेत राज्यकर्मियों के तमाम सेवाशर्त की गारंटी होनी चाहिए। उन्होने सेवाशर्त कमिटी से टीइटी शिक्षकों का अलग संवर्ग गठित करने की मांग की है। 

वहीं संगठन के प्रदेश सचिव अमित कुमार शाकिर इमाम और प्रदेश प्रवक्ता अश्विनी पांडेय ने कहा कि समग्र शिक्षा मद से वेतन प्राप्त करनेवाले जिले के नियोजित शिक्षकों को अबतक मात्र मई माह तक के वेतन का भुगतान हुआ है। जून व जुलाई के वेतन भुगतान को लेकर अबतक राशि आवंटित नही हुई है। वेतन भुगतान में विलंब से शिक्षक हलकान हो रहे हैं। जिला शिक्षा कार्यालय राशि आवंटन की कमी के नाम पर इस मसले से पल्ला झाड़ रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि एक तरफ कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप दूसरी तरफ वेतन भुगतान के अभाव में फंसे शिक्षकों एवं उनके परिवारों के समक्ष मुश्किल स्थितियां बनती दिख रही है। कोरोना के दौरान शिक्षक खाद्यान्न वितरण समेत विभिन्न कार्यों में लगाये गये हैं। उन्हें सुरक्षा कीट मुहैय्या नही है लिहाजा संक्रमण के खतरे झेलने को विवश हैं। 

संगठन का कहना है कि समग्र शिक्षा मद से आच्छादित शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए राशि का आवंटन करते हुए जल्द से जल्द उनके वेतन भुगतान की व्यवस्था हो। कोरोना के दौरान कार्यरत शिक्षकों के लिए अपरिहार्य पीपीई किट एवं अन्य सुरक्षा साधन मुहैय्या कराई जाये। कार्यरत नियोजित शिक्षकों को भी कोरोना वारियर्स घोषित करते हुए आपात स्थिति में उनके लिए पचास लाख रुपये के बीमा की गारंटी की जाय।

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