महाशिवरात्रि पर जल के चढ़ावे को तरस रहे हैं 500 साल पुराने मंदिर में स्थापित महादेव, जानिए क्या है पूरा मामला

महाशिवरात्रि पर जल के चढ़ावे को तरस रहे हैं 500 साल पुराने मंदिर में स्थापित महादेव, जानिए क्या है पूरा मामला

कटिहार। एक तरफ महाशिवरात्रि पर देश के तमाम छोटे बड़े शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है. वहीं दूसरी तरफ एक मंदिर ऐसा भी है, जहां इस त्योहार के दौरान भी शिवलिंग पर जल का चढ़ावे के लिए तरस गए हैं। यहां गिने चुने लोग ही पूजा के लिए पहुंचे हैं।

 दरअसल कटिहार हसनगंज प्रखंड स्थित हारका नाथ शिव मंदिर अब से लगभग पाँच सौ साल पहले सौरिया राजा के द्वारा निर्माण करवाया गया था और स्थानीय लोग कहते हैं उन लोगों ने सुना है कि सौरिया राजा-रानी खुद से शिवरात्रि के दिन इस मंदिर में पूजा करने आते थे, इसलिए इससे जुड़े एक शानदार सड़क भी निर्माण करवाया गया था जिसका नाम राजा सड़क है। मगर धीरे-धीरे ऐतिहासिक प्राचीन मंदिर जर्जर हो गया और पिछले 10 सालों से भी अधिक समय से इस मंदिर में नियमित रूप से जल अभिषेक भी नहीं होता है।

जमीन पर भी हो गया है कब्जा

मंदिर की देखभाल नहीं होने के कारण इसके आसपास की जमीन पर भी लोगों ने कब्जा कर लिया। एक वक्त स्थिति यह थी कि कई एकड़ में फैले इस मंदिर के पास सिर्फ तीन डिसमिल जमीन बचा रह गया था। स्थानीय लोगों की कोशिश के बाद अब यह बढ़कर 81 डिसमिल हो गया है। मंदिर के बागीचे की हालत भी पूरी तरह से खराब हो चुकी है। 

ऐतिहासिक धरोहर को बचाने की हो रही मांग

 स्थानीय लोग और ग्रामीण प्रतिनिधि चाहते हैं कि इस मंदिर को न्यास परिषद लेकर इसका कायाकल्प करवाएं ताकि इस ऐतिहासिक मंदिर की वजूद और कहानी जिंदा रहे। लोगों ने बताया कि मामले में प्रदेश के डिप्टी सीएम तार किशोर प्रसाद से भी संपर्क किया गया था। जिनमें उन्होंने मंदिर की स्थिति सुधारने को लेकर अपनी दिलचस्पी दिखाई दी थी।


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