बच्चों के दुश्मन बने हेडमास्टर व शिक्षकः पटना का ऐसा हाईस्कूल जहां जांच में 21 में 17 मिले फरार, एक्शन से बचने के लिए बहाने हजार

बच्चों के दुश्मन बने हेडमास्टर व शिक्षकः पटना का ऐसा हाईस्कूल जहां जांच में 21 में 17 मिले फरार, एक्शन से बचने के लिए बहाने हजार

PATNA: बिहार के सरकारी शिक्षक छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. शिक्षकों को सिर्फ वेतन से मतलब होता है ,पढ़ाई से नहीं . मुख्यमंत्री अब तक कई दफे कह चुके हैं कि वेतन की चिंता छोड़ छात्रों की पढ़ाई पर ध्यान दें. आपके वेतन की चिंता हम करेंगे .लेकिन शिक्षक ही आज की तारीख में छात्रों के सबसे बड़े दुश्मन बन गए हैं. इसका प्रमाण पटना के एक उच्च माध्यमिक विद्यालय में मिल गया। 

शिक्षा विभाग के आदेश पर डीपीओ ने की थी जांच

 7 सितंबर को जब पटना के उच्च माध्यमिक विद्यालय पैनाल का निरीक्षण किया गया तो पूरी पोल खुल गई .जिस विद्यालय में 21 शिक्षक और कर्मी हों उसमें केवल 2 शिक्षक व 2 कर्मी ही विद्यालय में मौजूद थे . दरअसल पटना के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अरुण कुमार मिश्रा ने उच्च माध्यमिक विद्यालय पैनाल का निरीक्षण किया तो स्थिति की पूरी पोल खुल गई. शिक्षकों की बात कौन करे न तो प्रधानाध्यापक थे न अन्य शिक्षक. सिर्फ 2 शिक्षक विद्यालय में मौजूद थे। स्कूल के प्रधानाध्यापक मोहम्मद नजमुलहसन चालान कार्य के लिए एक अन्य शिक्षक जितेंद्र कुमार यादव के साथ बैंक गए हुए थे. अब भला बताइए चालान के लिए प्राचार्य और एक शिक्षक की जाने की क्या जरूरत? जबकि विद्यालय में लिपिक तो हैं ही। प्रधान शिक्षक पढ़ाई का काम छोड़ एक अन्य शिक्षक को लेकर बैंक का चक्कर लगा रहे थे।विद्यालय में जो चार कर्मी मौजूद थे उनमें एक चपरासी, एक लिपिक और दो शिक्षक मौजूद थे.

गायब शिक्षकों पर होगी कार्रवाई ?

पटना के डीपीओ स्थापना अरुण कुमार मिश्र ने अपनी जांच रिपोर्ट डीईओ कार्यालय को दे दिया. रिपोर्ट में लिखा गया है कि स्कूल में कार्यरत सभी शिक्षक और कर्मी द्वारा उपस्थिति निर्धारित समय सारणी के अनुसार नहीं था. डीपीओ ने प्रधानाध्यापक को निर्देश दिया कि विद्यालय निरीक्षण के क्रम में अनुपस्थित शिक्षक-कर्मी से स्पष्टीकरण प्राप्त कर कार्यालय को 3 दिनों के अंदर उपलब्ध कराएं.

बता दें, स्कूल के प्रधानाध्यापक पर पहले भी कई तरह के आरोप लगते रहे हैं. विकास निधी की राशि में गड़बड़ी, उपस्कर व प्रयोगशाला के लिए सरकार की तरफ से भेजी गई राशि का बंदरबांट करने, छात्रों से फार्म के नाम पर अधिक पैसे लेने, स्कूल परिसर में लगे पेड़ों की कटाई कराने समेत कई अन्य आरोप हैं। इस मामले में जांच भी हुई है और शो-कॉज पूछा गया था।  


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