पटना के फतुहा में PM आवास योजना में भारी गड़बड़ी, चार चक्का वाहनों और दो मंजिला मकानों वालों को भी मिला योजना का लाभ, कौन दोषी?

पटना के फतुहा में PM आवास योजना में भारी गड़बड़ी, चार चक्का वाहनों और दो मंजिला मकानों वालों को भी मिला योजना का लाभ, कौन दोषी?

पटना. फतुहा प्रखंड में बड़े स्तर पर प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता का मामला सामने आया है। फतुहा बीडीओ आवास सहायक और पर्यवेक्षक पर अनियमितता का आरोप लगाया गया है। प्रखंड प्रमुख श्रुति ने कहा कि उनके निजी पंचायत गौरीपुन्दह में भी दर्जनों ऐसे लाभुक हैं, जिनके पास दो-दो, तीन-तीन बिगहा जमीन है। वहीं पंचायत मौजीपुर में ऐसे लाभुक को योजना का लाभ दिया गया है, जिनके घर के लोग सरकारी नौकरी करते हैं तथा दो-दो व चार-चार चक्के की गाड़ी होने के साथ ही दो मंजिला मकान भी है।

बताया जा रहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में मिल रही शिकायत के आलोक में लोक निर्माण समिति के अध्यक्ष संतोष कुमार, कमिटी के सदस्या मीता देवी, सदस्य जीतेन्द्र कुमार के साथ योजना से संबंधित कर्मों व सहायक/पर्यवेक्षक को प्रखण्ड प्रमुख के कार्यालय कक्ष में उपस्थित होने का आदेश निर्गत किया गया था, लेकिन 11.45 बजे तक प्रखंड के पदाधिकारी और कर्मियों जैसे बोडोओ, सीडीपीओ, आवास सहायक, पर्यवेक्षक, बीसी सहित अन्य कोई भी कर्मी उपस्थित नहीं पाये गये। जबकि मीडिया के सभी कर्मी एवं साथी भी मौजूद रहे। जिससे योजना में मिल रही शिकायतों पर चर्चा नहीं हो सकी।

मिली जानकारी के अनुसार पूर्व में भी प्रधानमंत्री आवास योजना में हो रही अनियमितता से संबंधित शिकायत फतुहा बीडीओ से कई बार की गयी थी। साथ ही मसाढ़ी के पूर्व मुखिया अरविंद सिंह द्वारा एक आवेदन पत्र देकर यह कहा गया था कि उनके पंचायत में लगभग 200 से ज्यादा परिवार ऐसे हैं, जिन्हें इस योजना का दुबारा लाभ दिया गया है तथा कुछ ऐसे भी लाभार्थी हैं, जो मृत हो चुके हैं और उनके मृत्यु के महीनों बाद भी योजना का लाभ देकर वसूली की जा रही है। इसके संबंध में प्रखण्ड विकास पदाधिकारी तथा सहायक और पर्यवेक्षक को भी उपलब्ध कराकर वस्तु स्थिति से अवगत कराते हुए इसकी जांच करने को कहा गया था, लेकिन अब तक प्रगति शून्य है। इस संबंध में बीडीओ, आवास सहायक, पर्यवेक्षक को पिछले वित्तीय वर्ष और चालू वित्तीय वर्ष के लाभुकों की सूची के साथ मिलान करने की बात कही गयी थी। इसके आलोक में बीडीओ, आवास सहायक और पर्यवेक्षक का कहना होता है कि डाटा का प्रिंट डीडीसी साहब द्वारा नहीं देने की बात कही गयी है, बोलकर टाल दिया जाता है।

समिति के अध्यक्ष ने कहा कि मसाढ़ी पंचायत में सबसे अधिक लाभुक हैं, जहां आवास सहायक को प्रखण्ड विकास पदाधिकारी ने जानबूझ कर पदस्थापित किया है, जहां से वसूली ज्यादा हो। उन्होंने बताया कि बीडीओ एवं आवास सहायक के रिश्तेदार भी हो सकते हैं, जिन्हें जानबूझ कर वसूली के लिए खुली छूट दे रखी है।

प्रखंड प्रमुख श्रुति ने कहा कि उनके निजी पंचायत गौरीपुन्दह में भी दर्जनों ऐसे लाभुक हैं, जिनके पास दो-दो, तीन-तीन बिगहा जमीन उपलब्ध है। पंचायत मौजीपुर में ऐसे लाभुक को योजना का लाभ दिया गया है, जिसके घर के लोग सरकारी नौकरी करते हैं तथा दो-दो चार चक्के की गाड़ी के भी स्वामी होने के साथ ही दो मंजिला मकान भी है। कमोवेश यही हाल सभी पंचायतों का है। आज की बैठक में लोक निर्माण समिति के अध्यक्ष संतोष कुमार, मोमिन्दपुर पंचायत के पंचायत सचिव टिम्पल कुमार, मौजीपुर पंचायत समिति सदस्य के प्रतिनिधि जागेश्वर राय के अलावे कई अन्य भी मौजूद रहे।

बताया जा रहा है कि दो दिन पूर्व पटना जिले के सभी प्रखण्ड प्रमुखों द्वारा पटना जिलाधिकारी से मुलाकात कर कर्मियों एवं पदाधिकारियों को समय से कार्यालय में उपस्थित नहीं होने की शिकायत भी की गयी थी। प्रखण्ड प्रमुख ने कहा कि इस संबंध में फतुहा प्रखण्ड विकास पदाधिकारी आहूत बैठक में किसी कर्मी-पदाधिकारी के सहयोग नहीं मिलने तथा 11.45 बजे तक उपस्थित नहीं रहने के कारण नहीं हो सका। इस संबंध में अग्रेतर कार्रवाई हेतु वरीय पदाधिकारी को पत्र लिखा जा रहा है।

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