मिथिला के लिए आज का दिन एतिहासिकः 88 सालों बाद झंझारपुर- निर्मली-आसनपुर कुपहा के बीच शुरू हुआ रेल परिचालन...खुलेंगे आर्थिक समृद्धि के नए द्वार

मिथिला के लिए आज का दिन एतिहासिकः 88 सालों बाद झंझारपुर- निर्मली-आसनपुर कुपहा के बीच शुरू हुआ रेल परिचालन...खुलेंगे आर्थिक समृद्धि के नए द्वार

PATNA: मिथिलांचल के लिए आज का दिन काफी एतिहासिक रहा। लगभग 88 साल बाद रेल सेवा शुरू की गई है। आज रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने झंझारपुर स्टेशन पर वीडियो लिंक के माध्यम से झंझारपुर-निर्मली के बीच नव आमान परिवर्तित रेलखंड एवं निर्मली-आसनपुर कुपहा के बीच नई रेल लाइन का उद्घाटन किया। साथ ही नए रेलखंड पर ट्रेन सेवाओं का शुभारंभ किया गया। नव आमान परिवर्तित रेल खंड पर तीन डेमू ट्रेनो का नियमित परिचालन किया जाएगा। आज का दिन मिथिलावासियों के लिए ऐतिहासिक है। उक्त बातें आज झंझारपुर में रेल परियोजनाओं के उद्घाटन के अवसर पर झंझारपुर के विधायक सह पूर्व मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहीं।

इस अवसर पर अपने सम्बोधन में पूर्व मंत्री सह झंझारपुर के विधायक नीतीश मिश्रा ने तमुरिया स्टेशन के निकट रैक प्वॉइंट बनाने तथा ऑटोमैटिक कोच वाशिंग मशीन के निर्माण की मांग की।पूर्व मंत्री ने अपने सम्बोधन में केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना "गति शक्ति मल्टी मॉडल कार्गो टर्मिनल पॉलिसी का जिक्र करते हुए मिथिला क्षेत्र में रोजगार व पर्यटन की सम्भावनाओ को बढाने व कृषकों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से इस योजना को इस रेलखंड पर स्थापित करने का भी आग्रह किया।

पूर्व मंत्री ने बताया कि 88 वर्ष पूर्व वर्ष 1934 में आए भूकंप के बाद मिथिला रेलमार्ग से दो भागों में विभक्त हो गया था जिसे जोड़ने का सपना पूर्व रेल मंत्री श्रद्धेय ललित नारायण मिश्र जी ने देखा था किंतु दुर्भाग्यवश वह देश के लिए असमय बलिदान हो गए। उनके सपने को मुख्यमंत्री व तत्कालीन रेलमंत्री नीतीश कुमार ने साकार करने की दिशा में इस परियोजना को स्वीकृति दिलाई एवं वर्ष 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कोसी रेल महासेतु का शिलान्यास किया। बाद के दिनों में इस योजना की प्रगति धीमी हो गयी। पुनः वर्ष 2014 में एनडीए सरकार बनने के उपरांत सितम्बर 2020 में यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोसी रेल महासेतु का उद्घाटन किया।

पूर्व मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि कोसी रेल महासेतु के बनने के उपरांत इस रेलखंड पर ट्रेन परिचालन प्रारम्भ होने से मिथिलावासियों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हुई है। वास्तव में यह किसी सपने के साकार होने जैसा ही है। इससे मिथिला क्षेत्र के लोग रेलवे के विशाल नेटवर्क से जुड़ गए हैं जो लोगों के लिए आर्थिक समृद्धि का द्वार खोलेगा।उन्होंने जानकारी दी कि यह परियोजना 206 किलोमीटर लंबे सकरी-लौकहा बाजार-निर्मली एवं सहरसा-फॉरबिसगंज आमान परिवर्तन परियोजना का भाग है। इस वर्ष के अंत तक इस परियोजना के पूर्ण रूपेण पूर्ण होने की संभावना है।

नव आमान परिवर्तित झंझारपुर-निर्मली एवं निर्मली-आसनपुर कुपहा (नई लाइन) के उद्घाटन के शुभ अवसर पर इस योजना के सूत्रधार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को नमन करते हुए मिथिलावासियों की तरफ से पूर्व मंत्री सह झंझारपुर के विधायक नीतीश मिश्रा ने इस योजना की नींव रखने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अभिनंदन करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया व इस परियोजना में लगे रेलवे के पदाधिकारियों व कर्मचारियों को धन्यवाद दिया।

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