ज्ञानवापी मामले की सुनवाई करने वाले न्यायाधीश को ‘इस्लामिक आगाज़ मूवमेंट’ ने दी धमकी, परिवार को बना सकता है निशाना

ज्ञानवापी मामले की सुनवाई करने वाले न्यायाधीश को ‘इस्लामिक आगाज़ मूवमेंट’ ने दी धमकी, परिवार को बना सकता है निशाना

 DESK. वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर मामले की सुनवाई कर रहे जज को धमकी दी गई है. दरअसल, ज्ञानवापी परिसर के वीडियोग्राफी का आदेश देने वाले दीवानी न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर को धमकी भरा पत्र मिला है. वाराणसी के पुलिस आयुक्त ने बताया कि न्यायाधीश की सुरक्षा में नौ पुलिसकर्मी लगाए गए हैं और इस मामले की जांच की जा रही है. वाराणसी के दीवानी न्यायाधीश दिवाकर ने इस संबंध में अपर मुख्य सचिव (गृह), पुलिस महानिदेशक और पुलिस आयुक्त वाराणसी को पत्र लिखकर धमकी मिलने की जानकारी दी है.

न्यायाधीश दिवाकर ने लिखा है कि उन्हें यह पत्र ‘इस्लामिक आगाज़ मूवमेंट’ की ओर से काशिफ अहमद सिद्दीकी द्वारा भेजा गया है. इस संदर्भ में वाराणसी के पुलिस आयुक्त ए. सतीश गणेश ने बताया कि न्यायाधीश दिवाकर को रजिस्टर्ड डाक द्वारा एक पत्र मिला है, जिसमें कुछ और कागज संलग्न है, इसकी जानकारी उनके द्वारा अभी दी गयी है. 


न्यायाधीश को भेजा गया धमकी भरा पत्र सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया है. पत्र में लिखा गया है, अब न्यायाधीश भी भगवा रंग में सराबोर हो चुके हैं. फैसला उग्रवादी हिंदुओं और उनके तमाम संगठनों को प्रसन्न करने के लिए सुनाते हैं. इसके बाद ठीकरा विभाजित भारत के मुसलमानों पर फोड़ते हैं. आप न्यायिक कार्य कर रहे हैं, आपको सरकारी मशीनरी का संरक्षण प्राप्त है. फिर आपकी पत्नी और माता श्री को डर कैसा है...?” उसमें लिखा है, “आजकल न्यायिक अधिकारी हवा का रुख देख कर चालबाजी दिखा रहे हैं. आपने वक्तव्य दिया था कि ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का निरीक्षण एक सामान्य प्रक्रिया है. आप भी तो बुतपरस्त (मूर्तिपूजक) हैं. आप मस्जिद को मंदिर घोषित कर देंगे.”

गौरतलब है कि न्यायाधीश दिवाकर की अदालत ने 26 अप्रैल को ज्ञानवापी परिसर की वीडियोग्राफी सर्वेक्षण कराने के आदेश दिए थे. इस सर्वेक्षण की रिपोर्ट 19 मई को अदालत में पेश की गई थी. सर्वेक्षण के दौरान हिंदू पक्ष ने ज्ञानवापी मस्जिद के वजू खाने में ‘शिवलिंग’ मिलने का दावा किया था जिसे मुस्लिम पक्ष ने खारिज करते हुए कहा था कि वह ”शिवलिंग’ नहीं, बल्कि ‘फव्वारा’ है.


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