शराबबंदी पर JDU-BJP में तकरार, RJD की भी जोरदार एंट्री, आलोक मेहता बोले- भाजपा नीतीश सरकार से समर्थन वापस लें

शराबबंदी पर JDU-BJP में तकरार, RJD की भी जोरदार एंट्री, आलोक मेहता बोले- भाजपा नीतीश सरकार से समर्थन वापस लें

पटना. शराबबंदी को लेकर बिहार में सियासत हावी है. शराबबंदी कानून को लेकर भाजपा और सहयोगी जदयू में ही तकरार देखा जा रहा है. सरकार में शामिल बीजेपी के विधायक लगातार शराबबंदी की समीक्षा की मांग कर रहे हैं. भारतीय जनता पार्टी के विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल के बाद अब बीजेपी के एमएलए कुंदन सिंह ने भी सवाल उठा दिया है. वहीं बीजेपी नेता द्वारा उठाये गये सवाल पर अब राजेडी के महासचिव आलोक मेहता ने एनडीए गंठबंधन पर तज कसा है. आलोक मेहता ने इशारों-इशोरों में ही बीजेपी से कहा कि जो शराबबंदी कानून के पक्ष में नहीं है, उसे समर्थन वापस लेना चाहिए.

भाजपा नीतीश सरकार से समर्थन वापस लें- आलोक मेहता

आलोक मेहता ने कहा है कि सरकार में शामिल बीजेपी के विधायक लगातार शराबबंदी कानून को लेकर नाराज चल रहे हैं, तो ऐसे में बीजेपी को सरकार से समर्थन वापस लेकर बाहर आ जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि, सरकार में रहकर बीजेपी अनर्गल अलाप कर रही है. आलोक मेहता ने आरोप लगाया कि बिहार में शराबंदी लागू करने में सरकार नाकाम साबित हुई है. उन्होंने कहा कि सरकार में सवाल उठाने का मतलब नहीं है. अगर वो इस कानून का विरोध करते हैं तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए.

शराबबंदी कानून पर बीजेपी विधायक ने उठाये सवाल

बीते दिनों बीजेपी विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने शराबबंदी कानून को लेकर सवाल उठाया था. इसके बाद अब बेगूसराय के भाजपा विधायक ने शराबबंदी पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जो चीज उत्तर प्रदेश, झारखंड में सही है वो बिहार में कैसे गलत है. बीजेपी विधायक ने कहा कि बिहार में ड्रग्स का प्रचलन बढ़ता जा रहा है. उन्होंने कहा कि शराब का कारोबार कर जिन लोगों ने कमाई की वे पंचायत चुनाव लड़ रहे हैं. कुंदन सिंह ने कहा कि शराबबंदी कानून को लेकर समीक्षा होनी चाहिए.

भाजपा विधायक पर जदयू का पलटवार

शराबबंदी को लेकर एनडीए गठबंधन में मतभेद देखा जा रहा है. शराबबंदी कानून को वापस लेने के लिए भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग की थी कि इस वापस लेना चाहिए. इस पर जदयू एमएलसी गुलाम रसूल बलियावी ने पटलवार किया है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग नशे में कुछ भी बोलते रहते हैं. ऐसे लोगों को नोटिस नहीं लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि भाजपा का बिहार नेतृत्व कानून के साथ है.

शराबबंदी कानून वापस हो

बता दें कि कुछ दिन पहले भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर ने शराबबंदी को लेकर बिहार के पुलिसिया तंत्र पर सवाल खड़े करते हुए कहा था, कि वह बिहार के मुख्यमंत्री और हमारी छवि खराब कर रहा है. इसलिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश शराबबंदी कानून को वापस लेना चाहिए. उन्होंने कहा था पुलिस दोषी लोगों को छोड़ती है, और निर्दोष को पड़कती है, जिससे हमारी छवि खराब हो रही है. उन्होंने कहा था कि जिस तरह पीएम मोदी ने कृषि कानून को वापस लेने का ऐलान किया था. उसी तरह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शराबबंदी कानून वापस ले.


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