JDU मे मचे बवाल को शांत करने में जुटे नीतीश! RJD में 'विलय' पर CM ने तोड़ी चुप्पी, विधायकों से पूछा- शराबबंदी हटा दें ?

JDU मे मचे बवाल को शांत करने में जुटे नीतीश! RJD में 'विलय' पर CM ने तोड़ी चुप्पी, विधायकों से पूछा- शराबबंदी हटा दें ?

Patna बिहार की सत्ताधारी पार्टी JDU का राजद में विलय की चर्चा के बाद नीतीश कुमार की पार्टी के अंदर बवाल मच गया है। CM नीतीश द्वारा 2 दिन पूर्व तेजस्वी यादव के नेतृत्व में 2025 चुनाव लड़ने के ऐलान से मर्जर की चर्चा और तेज हो गई है। इस राजनीतिक चर्चा के बाद से उपेंद्र कुशवाहा से लेकर कई बड़े नेता परेशान हो गए हैं। पार्टी के संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने तो स्पष्ट कर दिया है कि अगर मर्जर की बात है तो यह आत्मघाती है। यह मौत के समान है। उपेंद्र कुशवाहा के इस बयान के बाद जेडीयू के कई बड़े अपरोक्ष तौर पर मर्जर की बात पर आपत्ति दर्ज कर रहे। हालांकि कुशवाहा के बाद कोई और बड़े नेता ने इसपर मुंह नहीं खोला है। 

मर्जर की चर्चा को किया खारिज

इसी बीच आज जेडीयू विधानमंडल दल की बैठक बुलाई गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक सभी विधायक और विधान पार्षद मौजूद रहे। विधानमंडल दल की बैठक में नीतीश कुमार ने पार्टी के अंदर लगी आग को शांत करने की कोशिश की । जदयू सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राजद में जेडीयू के विलय की चर्चा को नीतीश कुमार ने खारिज किया है। उन्होंने कहा है कि जेडीयू का स्वतंत्र अस्तित्व है । मर्जर की कोई बात नहीं है । राजद और जेडीयू अलग-अलग पार्टियां हैं। मर्जर की बात मीडिया के दिमाग की उपज है। इसमें नहीं पड़ना है। जब उस समय यानी 2014-15 में दिमाग मे यह बात आई थी कि देश लेवल पर एक विचारधारा के दल साथ आएं।लेकिन अब मर्जर की बात फालतू है। विधायकों-विधान पार्षदों के असंतोष कम करने लिए CM ने  कहा कि जेडीयू दूसरे दलों से कमजोर नहीं है, हमें और आगे जाना है।

Jdu विधायकों से पूछा-आपलोग क्या चाहते हैं?

वही शराबबंदी को लेकर भी नीतीश कुमार ने विधायकों से राय ली। मुख्यमंत्री ने पूछा कि आप लोग बताइए कि क्या शराबबंदी कानून को खत्म कर दें? मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से हाथ उठाकर बताने को कहा. मुख्यमंत्री के इस फरमान के बाद सभी विधायकों विधान पार्षदों ने कहा कि शराबबंदी से काफी फायदा है ,इसे आगे भी बरकरार रखना चाहिए। सब ने नीतीश कुमार की हां में हां मिला। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आज कुछ लोग शराब बंदी कानून का विरोध कर रहे हैं। लेकिन हम अब विधानसभा में ही पूछेंगे, भाजपा के विधायकों से भी पूछेंगे कि आप लोग शराबबंदी कानून खत्म करने के पक्ष में हैं या आगे भी बरकरार रखना चाहते हैं। हम सभी से पूछेंगे।


 

Find Us on Facebook

Trending News