बालू से 'मलाई' खाने में हटाए गए MVI मृत्युंजय सिंह पर कई गंभीर आरोप, दूसरे जिले के थाने में बंद गाड़ी का 'फिटनेस' देने में जांच की फाइल आगे बढ़ी

बालू से 'मलाई' खाने में हटाए गए MVI मृत्युंजय सिंह पर कई गंभीर आरोप, दूसरे जिले के थाने में बंद गाड़ी का 'फिटनेस' देने में जांच की फाइल आगे बढ़ी

PATNA: बिहार के सुशासन राज में सरकारी सिस्टम में बड़े-बड़े खेल होते हैं। हाल ही में बालू लूट में शामिल रहने वाले कई बड़े अफसरों पर कार्रवाई की गई है। नीतीश सरकार ने दो तत्कालीन एसपी, 4 डीएसपी समेत तीन दर्जन से अधिक अधिकारियों पर कार्रवाई किया है। बालू लूट में माफियाओं को संरक्षण देने वाले परिवहन विभाग के तीन एमवीआई पर भी गाज गिरी है। पटना के तत्कालीन एमवीआई जिन्हें सरकार ने बालू लूट में संलिप्तता के आधार पर हटाया है उन पर कई दूसरे गंभीर आरोप भी हैं। पटना के एमवीआई रहे मृत्युंजय कुमार सिंह पर आरोप है कि दूसरे जिले के थाने में जब्त गाड़ी का फिटनेस प्रमाण पत्र जारी कर दिया। जब विभाग में शिकायत पहुंची तो शो-कॉज पूछा गया। आरोपी एमवीआई मृत्युंजय कुमार सिंह ने जैसे-तैसे चौंकाने वाला जवाब दिया। हालांकि उनके जवाब में ही कई झोल मिले। जवाब लेकर परिवहन विभाग  महीनों तक गहरी नींद में रहा। न्यूज4नेशन ने गहरी नींद में सोये परिवहन विभाग को जगाया. इसके बाद आरोप की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने 19 मार्च 2021 को विस्तृत जांच कराने का आदेश दिया था।

एमवीआई पर लगे आरोप में जांच की फाइल तेजी से बढ़ी

परिवहन विभाग के उप सचिव की तरफ से 19 मार्च 2021 को क्षेत्रीय आयुक्त सह सचिव क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार पटना को जांच का आदेश दिया गया था। कोरोना की वजह जांच लंबित रही। लेकिन अब जांच ने रफ्तार पकड़ लिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जांच की फाइल दौड़ रही है। जांच अंतिम चरण में है। बहुत जल्द क्षेत्रीय आयुक्त सह सचिव क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार पटना अपनी जांच रिपोर्ट परिवहन विभाग को सौंप देंगे। बताया जाता है कि जांच रिपोर्ट में सभी बिंदूओं का उल्लेख किया जा रहा है। 


परिवहन विभाग ने विस्तृत जांच की बताई थी जरूरत

परिवहन विभाग द्वारा 19 मार्च 2021 को जारी जांच संबंधी आदेश में एमवीआई पर लगे आरोप के संबंध में तमाम बातों का जिक्र किया गया था. साथ ही आरोपी एमवीआई मृत्युंजय कुमार सिंह ने बचाव में जो चौंकाने वाला जवाब दिये थे उन बातों का भी जिक्र किया गया था। विभाग ने अपने पत्र में कहा था कि इस मामले की विस्तृत जांच की जरूरत है। लिहाजा पंद्रह दिनों में जांच कर रिपोर्ट सौंपे।

पटना एमवीआई ने थाने में बंद ट्रक का दिया था फिटनेस?

बिहार ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष की तरफ से पिछले साल ही परिवहन विभाग में शिकायत दर्ज कराई गई थी। पटना के एमवीआई मृत्युंजय कुमार सिंह पर आरोप है कि मुजफ्फरपुर के आदर्श नगर थाना क्षेत्र में जो गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई उसे थाना में बंदी के दौरान पटना के मोटरयान निरीक्षक ने फिटनेस प्रमाण पत्र दे दिया। गाड़ी संख्या यूपी- 60T4830 ट्रक जो 2 जुलाई 2019 को आदर्श नगर थाने में जब्त कर रखा गया था उस गाड़ी का फिटनेस प्रमाण पत्र दिया गया।  4 जुलाई 2019 को जिला परिवहन कार्यालय पटना के काउंटर पर चलान जमा किया गया तथा 5 जुलाई 2019 को एमवीआई मृत्युंजय सिंह के द्वारा गाड़ी का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण की तारीख फिटनेस प्रमाण पत्र पर दर्शाया गया है. 6 जुलाई 2019 को उस गाड़ी का एमवीआई मृत्युंजय कुमार सिंह द्वारा फिटनेस प्रमाण पत्र 6 जुलाई 2019 से 4 जुलाई 2021 तक निर्गत किया गया है. जबकि वह ट्रक दूसरे जिले के थाने में जब्त था।

थाने के पत्र से खुलासा

19 अगस्त 2019 को सिकंदरपुर आदर्श नगर थाना मुजफ्फरपुर की पुलिस ने मोटरयान निरीक्षक मुजफ्फरपुर को नगर थाना कांड संख्या 572-2019 के तहत ट्रक संख्या- यूपी- 60T4830 की यांत्रिक जांच के संबंध में एमवीआई मुजफ्फरपुर को पत्र लिखा था।ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि जब गाड़ी दूसरे जिले के थाने में जब्त है तो पटना एमवीआई ने किस परिस्थिति में 5 जुलाई 2019 को गाड़ी का निरीक्षण किया और उसका फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किया. इसमें भारी गड़बड़ी की गई है. यह जांच का विषय है कि थाने में बंद ट्रक का फिटनेस प्रमाण पत्र कैसे निर्गत हुआ? आरोपी एमवीआई के केस दर्ज करें।

एमवीआई का जवाब चौंकाने वाला

शिकायक के बाद परिवहन विभाग के उप सचिव ने 5 जनवरी 2021 को ही गड़बड़ी करने के आरोपी पटना के एमवीआई मृत्युंजय कुमार सिंह से स्पष्टीकरण पूछा था। दो बार स्पष्कीरण पूछे जाने के बाद पटना एमवीआई ने 6 जनवरी को शो-कॉज का जवाब दिया। उनका जवाब चौंकाने वाला था। पटना एमवीआई ने जो जवाब दिये उसके अनुसार हमने सही गाड़ी का फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किया लेकिन वाहन स्वामी ने फर्जी काम किया। पटना के एमवीआई ने विभाग को दिये अपने जवाब में लिखा है कि वाहन संख्या- यूपी- 60T4830 का फिटनेस प्रमाण पत्र गाड़ी के भौतिक सत्यापन कर चेचिस संख्या पेंसिल प्रिंट फॉर्म 50-2 पर लेने के बाद निर्गत किया गया. वाहन स्वामी द्वारा किसी अन्य वाहन पर निबंधन संख्या एवं चेचिस पंच कर दो वाहनों को चलाने का मामला प्रतीत होता है। मतलब पटना एमवीआई ने अपने जवाब में लिखा कि थाने में जब्त गाड़ी का चेचिस नंबर ही गलत है। विभाग ने भी माना कि इस जवाब से पूरी तरह से संतुष्ट नहीं हुआ जा सकता। लिहाजा विस्तृत जांच को लेकर आदेश जारी किया. 


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