मेहरबानी के मायने ? शराब माफिया तत्कालीन 'थानेदार' पहले न गिरफ्तार हुआ और न अब तक बर्खास्त...सिर्फ शराबियों को पकड़ तुर्रम खां बनती है मोतिहारी पुलिस?

मेहरबानी के मायने ? शराब माफिया तत्कालीन 'थानेदार' पहले न गिरफ्तार हुआ और न अब तक बर्खास्त...सिर्फ शराबियों को पकड़ तुर्रम खां बनती है मोतिहारी पुलिस?

MOTIHARI:  बिहार में पुलिसवाले ही शराबबंदी कानून को तार-तार करते हैं. पुलिसवालों पर सख्त एक्शन नहीं होने का नतीजा है कि सीएम नीतीश की लाख कोशिश के बाद भी शराब पर अंकुश नहीं लग रहा। आखिर शराब की सप्लाई पर अंकुश लगे भी तो कैसे...इस अवैध धंधे में संलिप्त पुलिसवालों के खिलाफ पिक-एंड चूज पॉलिसी जो अपनाई जाती है। मोतिहारी का यह बड़ा हाईप्रोफाइल मामला....पर आरोपी थानेदार के खिलाफ दो साल बाद भी विभागीय एक्शन नहीं हुआ। जबकि इससे कम जुर्म वाले शराब कांड में आरोपी थानेदार (दारोगा) को बर्खास्त किया जा चुका है। आज भी शराब माफिया तत्कालीन थानेदार पुलिस की सेवा  में बना हुआ है। हद तो तब जब पुलिस के आलाधिकारियों को इसकी कोई जानकारी नहीं.

तत्कालीन थानेदार पर कार्रवाई नहीं होने पर उठे सवाल 

मोतिहारी में शराब पीने वाले को पकड़कर तुर्रम खा बनने वाली पुलिस की सच्चाई बता रहे।  करीब एक हज़ार लीटर देशी और विदेशी अवैध शराब को थाने में छुपाकर ऱखने वाले तुरकौलिया के तत्कालीन थानेदार नवनीत कुमार पर आज तक कोई एक्शन नहीं. खुलासे के बाद थानेदार के खिलाफ तुरकौलिया थाने में ही केस दर्ज हुआ था. केस दर्ज होने की भनक के बाद आरोपी थानेदार नवनीत कुमार फरार हो गया था। ढाई वर्ष बीतने के बाद भी तुरकौलिया थाना के तत्कालीन थानेदार पर अबतक विभागी. बड़ा एक्शन नहीं हुआ। उसी आसपास मोतिहारी जिले में ही शराब तस्कर से बातचीत का ऑडियो वायरल होने पर मधुबन थाना के तत्कालीन थानेदार को रिटायर होने के 5 दिन पूर्व बर्खास्त किया गया था। तुरकौलिया थाना  के तत्कालीन थानेदार नवनीत कुमार पर अबतक कार्रवाई नही होना जिले में चर्चा का विषय बना है। 

क्या कहते हैं डीआईजी 

बताया जाता है कि एक ही साथ तुरकौलिया व मधुबन थाना के थानेदार की बर्खास्तगी से  पहले तत्कालीन एसपी ने स्पष्टीकरण मांगा था। स्पष्टीकरण नोटिस के बाद मधुबन थाना के तत्कालीन थानेदार विपिन सिंह को तत्कालीन एसपी द्वारा बर्खास्त कर दिया गया । जबकि ढाई वर्ष बीतने के बाद भी तुरकौलिया थाना के तत्कालीन थानेदार पर अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई।  तुरकौलिया के वर्तमान थानेदार मिथलेश कुमार ने बताया कि तत्कालीन थानेदार के विरुद्ध न्यायलय में चार्जशीट दाखिल कर दिया गया है । अब कार्रवाई वरीय पदाधिकारी को करना है। इस संबंध में चंपारण रेंज के डीआईजी से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि अगर कार्रवाई नहीं हुई है तो गंभीर बात है. हम इस फाइल को दिखवा रहे हैं. अब हमें इसकी जानकारी नहीं थी। 

जानें क्या था पूरा मामला 

22 जून 2020 को एसपी के निर्देश पर तुरकौलिया थाना में अवैध शराब रखने को लेकर एएसपी व मुफसिल इंस्पेक्टर के द्वारा छापेमारी की गई थी। रेज में बड़ा खुलासा हुआ था। बिना जब्ति सूची के लगभग एक हज़ार लीटर स्प्रिट व देशी शराब जब्त किया गया। शराब जब्त करने के बाद मैनेजिंग का 24 घंटा हाई लेबल ड्रामा चला था ।पहले अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज करने की बात आई। लेकिन मीडिया में खबर आने के बाद अंत मे प्राथमिकी दर्ज कराया गया। उसके बाद प्रभारी थानेदार के आवेदन पर तत्कालीन थानाध्यक्ष नवनीत कुमार,निजी चालक व अज्ञात शराब कारोबारी पर प्राथमिकी दर्ज किया गया। शराब बरामदगी के बाद तत्कालीन  एसपी ने तत्कालीन थानेदार नवनीत कुमार को निलंबित कर दिया था. साथ ही थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वहीं एसपी ने शराब कारोबार में संलिप्तता को लेकर तीन चौकीदार को बर्खास्त किया था । 

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