मेडिकल नेगलिजेंसी साबित होने पर रद्द होगा ‘आसरा होम’ का लाइसेंस, CS की टीम कर रही जांच

मेडिकल नेगलिजेंसी साबित होने पर रद्द होगा ‘आसरा होम’ का लाइसेंस, CS की टीम कर रही जांच

PATNA : पटना के आसरा होम की संवासिनों की मौत का मामला तूल पकड़ते जा रहा है। डीएम कुमार रवि ने सिविल सर्जन की अध्यक्षता में एक टीम का गठन किया है, जो यह जांच करेगी कि इलाज में कोताही बरती गयी है या नहीं। कहा जा रहा है कि जांच के लिए गठित टीम 3-4 दिनों में पूरी रिपोर्ट सौंप देगी। 

इस मामले में समाज कल्याण विभाग के प्रधान सचिव अतुल प्रसाद ने कहा कि अगर मेडिकल नेगलिजेंसी साबित होती है तो संस्था के लोगों पर विधिसम्मत कार्रवाई की जायेगी। अतुल प्रसाद का साफ कहना है कि दोनों संवासिन पहले से बीमार थीं और उनका 1 अगस्त से ही इलाज चल रहा था। इसलिए इस मामले में जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लिया जायेगा। 

सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच की जा रही है। यह देखा जा रहा है कि संस्था के लोगों की लापरवाही से संवासिनों की मौत हुई है या फिर मेडिकल नेगलिजेंसी का मामला है। फिलहाल आसरा होम से संवासिनों को स्थानांतरित करने की कोई प्लानिंग नहीं है क्योंकि मानसिक रूप से कमजोर लोगों की देखरेख करना व उन्हें एक-जगह-से-दूसरी जगह शिफ्ट करना इतना आसान नहीं है। 

यदि इस मामले में संस्था के लोगों की लापरवाही उजागर हुई तो विभाग खुद आसरा होम को टेकओवर कर लेगा और शेल्टर होम को चलायेगा लेकिन यह सब बाद की बात है। डीएम द्वारा गठित जांच टीम की रिपोर्ट आने के बाद ही कोई कार्रवाई होगी। इसके पहले बता दें कि समाज कल्याण विभाग के डिप्टी डायरेक्टर दिलीप कामत द्वारा आसरा होम की जांच की गयी थी, जिसमें संवासिनों के इलाज की बात सामने आयी थी। 


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