राजपथ का नाम बदलकर 'कर्तव्य पथ' करने पर आलोचना से घिरी मोदी सरकार, राजद का तीखा तंज

राजपथ का नाम बदलकर 'कर्तव्य पथ' करने पर आलोचना से घिरी मोदी सरकार, राजद का तीखा तंज

पटना. केंद्र सरकार ने नई दिल्ली में ऐतिहासिक राजपथ और सेंट्रल विस्टा लॉन का नाम बदलकर 'कर्तव्य पथ' कर दिया है। नेता जी की प्रतिमा से लेकर राष्ट्रपति भवन तक के पथ का नाम राजपथ नहीं अब कर्तव्य पथ पर होगा। एनडीएमसी की बैठक में इस प्रस्ताव को पास किया गया हैं। अब से राजपथ को कर्तव्य पथा कहा जाएगा। सड़क का नाम बदलने को लेकर राजद ने मोदी सरकार पर तंज कसा है. 

दरअसल, राजपथ का नाम बदलकर 'कर्तव्य पथ' करने के केंद्र सरकार के फैसले पर जनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया आई है। उनमें से कुछ ने इस कदम का स्वागत किया और इसे एक 'सकारात्मक बदलाव' करार दिया, कुछ अन्य ने इस विचार से असहमति जताई और कहा कि राजपथ और जनपथ को एक दूसरे को पार करने की अवधारणा अब पहले जैसी नहीं रहेगी।  

ऐतिहासिक राजपथ का नाम बदलकर 'कर्तव्य पथ' करने के केंद्र सरकार के फैसले की विपक्षी दलों ने आलोचना की है। तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल और अन्य दलों के कई सांसदों ने भाजपा और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना की है। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा से पूछा क्या चल रहा है? क्या बीजेपी ने इतिहास को फिर से लिखने के लिए हमारी संस्कृति, हमारी विरासत को अपने महापाप पागलपन में फिर से करने के लिए इसे अपना एकमात्र कार्तव्य बना लिया है? 

राजद के मनोज झा ने ट्वीट किया कि पहले रेसकोर्स रोड बन गया लोक कल्याण मार्ग, अब राजपथ बना कार्तव्य पथ। लेकिन आज की सबसे बड़ी चुनौती जैसे बेरोजगारी, महंगाई/बिगड़ती सामाजिक समरसता अगर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है तो सब कुछ स्वीकार्य है। जन-उन्मुख चिंताओं और क्षमता पर चुप्पी है केवल सड़कों के लिए। क्या होगा यदि आप नाम बदलना चाहते हैं?

दरअसल,  अंग्रेजों के शासन में वर्ष 1911 में दिल्ली की इस सड़क का नाम किंग्स वे रखा गया. 1920 में सड़क बनकर तैयार हुई और तब से आजादी के बाद 1955 तक सड़क को किंग्स वे के नाम से ही जाना गया. 1955 में सड़क का नया नाम राजपथ किया गया. अब करीब 67 साल बाद एक बार फिर मोदी सरकार ने राजपथ का नाम बदलकर  'कर्तव्य पथ' कर दिया है.


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