पैसे की ताकत! मोतिहारी के शिक्षक नियोजन इकाईयों ने सरकार के आदेश को दिखाया ठेंगा, फर्जी शिक्षकों की संख्या 131 पर पहुंची

पैसे की ताकत! मोतिहारी के शिक्षक नियोजन इकाईयों ने सरकार के आदेश को दिखाया ठेंगा, फर्जी शिक्षकों की संख्या 131 पर पहुंची

MOTIHARI मोतिहारी में एक तरफ जहां फर्जी शिक्षकों पर मुकदमे वाली फाइल को दबाने में नियोजन इकाई जुटी है वहीं, दूसरी तरफ फर्जी प्रमाण पत्र वाले अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ती जा रही है। फर्जी प्रमाणपत्र उपयोग करने वाले शिक्षक अभ्यर्थियों की संख्या पहुची 131 पर पहुंच गई है। जिला शिक्षा कार्यालय ने पूर्व में 93 शिक्षक अभ्यर्थियों पर प्राथमिकी दर्ज के लिए नियोजन इकाई को पत्र भेजा था। अब वो संख्या 131 पर पहुंच गई है। फर्जीवाड़ा करने वाले शिक्षकों की संख्या बढ़ते जा रही है लेकिन तीन महीने बीतने के बाद भी फर्जीवाड़ा करने वाले एक भी शिक्षकों पर केस दर्ज नहीं किया जा सकता है। इतने दिनों में डीईओ कार्यालय नियोजन इकाई को पत्र भेज रहा तो नियोजन इकाई उस पत्र को रद्दी की टोकरी में डाल कर चुप्पी साध ले रही। चूहा-बिल्ली का खेल पिछले तीन महीने से जारी है। 

8 जनवरी 2022 से चल रहा खेल

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने 8 जनवरी 2022 को ही मोतिहारी के डीईओ को फर्जी प्रमाण पत्र पर बहाल होने वाले शिक्षा शिक्षक अभ्यर्थियों पर केस दर्ज करने को कहा था. इसके पहले पूर्वी चंपारण के डीएम ने भी 2 सितंबर 2021 को ही जिला शिक्षा पदाधिकारी को इस संबंध में आदेश दिया था. इसके बाद भी 93 शिक्षक अभ्यर्थियों पर अब तक केस दर्ज करने की कार्रवाई नहीं की गई है.अधिकारी एक-दूसरे को पत्र भेज केस दर्ज कराने का घोड़ा दौड़ा रहे। तीन महीनों में एक भी फर्जी शिक्षक अभ्यर्थी पर केस दर्ज नहीं हो सका। इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी ने 6 अप्रैल को फिर से सभी नगर पंचायत नियोजन इकाई, प्रखंड नियोजन समिति के सचिव, पंचायत शिक्षक नियोजन समिति को पत्र लिख 2दिनों में केस दर्ज करने को कहा। लेकिन आज तक एक भी फर्जी शिक्षक अभ्यर्थी पर केस दर्ज नहीं किया जा सका है। इसके पहले डीईओ ने18 फरवरी 2022 को सभी नियोजन समिति के सचिव को पत्र लिख केस दर्ज करने की खानापूर्ति की थी। 


अब क्या कहते हैं जिम्मेदार अफसर? 

फर्जी शिक्षकों पर नियोजन इकाई के सचिव को केस करना था। केस दर्ज करने को लेकर जिला स्तर से दो-दो बार पत्र भेजा गया। लेकिन किसी भी नियोजन इकाई ने अब तक केस दर्ज नहीं किया। अरेराज बीडीओ अमित कुमार पण्डेय ने बताया कि नगदाहां ,पीपरा सहित अन्य पंचायत नियोजन इकाई को फर्जी प्रमाणपत्र वाले अभ्यर्थियों पर प्राथमिकी दर्ज करने का सख्त निर्देश दिया गया है ।कार्रवाई नही करने पर नियोजन इकाई के विरुद्ध डीएम को पत्र भेजा जाएगा। वहीं हरसिद्धि बीडीओ सुनील कुमार ने बताया कि जिला शिक्षा कार्यालय से पत्र प्राप्त हुआ है । तबियत खराब होने के कारण इलाज में है । प्रभारी बीडीओ सह सीओ को त्वरित fir कराने की बात कही है ।

अरेराज नगर पंचायत में भी फर्जी प्रमाण पत्र पर कई शिक्षक बहाल हुए। लेकिन अब तक केस नहीं किया गया। पूछने पर नगर पंचायत के प्रभारी कार्यपालक पदाधिकारी रौशन कुमार ने कहा कि कुछ दिन पूर्व प्रभार मिला है । फाइल को देखकर अग्रतर कार्रवाई की जायेगी। वहीं, पहाडपुर बीडीओ ने बताया कि मेरे पास डीईओ कार्यालय से कोई आदेश नही आया है ।आदेश मिलते ही प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। डीपीओ प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि चिन्हित फर्जी सभी अभ्यर्थियों पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। दो बार पत्र भेजने के बाद भी प्राथमिकी दर्ज नही करने वाले नियोजन इकाई के विरुद्ध कार्रवाई के लिए जिला पदाधिकारी को पत्र भेजने की तैयारी की जा रही है।

लेटर का खेल

मोतिहारी के जिला शिक्षा पदाधिकारी के पत्र में कहा गया कि प्रारंभिक शिक्षक नियोजन वर्ष 2019-20 के तहत पहले, दूसरे एवं तीसरे चक्र की काउंसलिंग में फर्जी प्रमाण पत्र पर बहाली की शिकायत मिली थी। इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों के शिक्षक पात्रता प्रमाण पत्र,सीटीईटी-बीटीईटी प्रमाण-पत्रों की जांच के लिए निर्देश दिये गए थे। जिसके बाद बीटीईटी का सत्यापन बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से तथा सीटीईटी प्रमाण पत्र का सत्यापन वेबसाइट से 12 जनवरी 2022 के द्वारा गठित कमेटी से कराई गई. डीईओ ने अपने पत्र में कहा है कि जांच के बाद फर्जी प्रमाण पत्र वाले अभ्यर्थियों पर प्राथमिकी दर्ज करने के लिए 18 फरवरी को ही आदेश दिया गया. लेकिन अब तक प्राथमिकी दर्ज करने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है.

मोतिहारी से हिमांशु की रिपोर्ट

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