NATIONAL NEWS: कोरोना महामारी पर आर-पार के मूड पर में कोर्ट, सरकार को कुव्यवस्था के खिलाफ जमकर लताड़ा

NATIONAL NEWS: कोरोना महामारी पर आर-पार के मूड पर में कोर्ट, सरकार को कुव्यवस्था के खिलाफ जमकर लताड़ा

DESK: भारत कोरोना महामारी से जूझ रही है। कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने भारत को काफी कमजोर कर दिया है। देश में स्वास्थ्य व्यवस्था लड़खड़ा चुकी है। अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहे हैं। जिन अस्पतालों में बेड हैं। वहां ऑक्सीजन की कमी से मरीजों की जान जा रही है। कुल मिलाकर हालात काबू से बाहर हो चुके हैं। इसी वजह से हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट को दखलअंदाजी करनी पड़ी औऱ उन्होनें सरकार से इस संबंध में सवाल जवाब किए। देश की विभिन्न अदालतों, यहां तक कि उच्चतम न्यायालय ने सरकार को 15 दिनों में कई बार खरी-खरी सुना दी है। पढ़िए पिछले कुछ दिनों में कोरोना और ऑक्सीजन की कमी के मामलों पर कोर्ट ने सरकार को क्या-क्या कहा है-

मई 2021: हाल में मद्रास हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग पर हत्या का मुकदमा चलाने की बात कह दी। इस पर आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 'जजों की तरफ से आने वाली टिप्पणियों को मीडिया में आने से रोका नहीं जा सकता। इसे आपको कड़वी दवा की तरह लेना चाहिए।'

28 अप्रैल 2021: कोरोना को लेकर हो रही सुनवाई में अदालत ने केंद्र सरकार को खूब फटकारा। कोर्ट ने कहा- 'कोरोना से लोग मर रहे हैं। ऐसे में हम मूकदर्शक बन कर इसे सिर्फ देखते नहीं रह सकते। आप कोरोना की दूसरी लहर से निपटने के लिए मौजूद संसाधन, दवाइयों और वैक्सीन की स्थिति का ब्योरा दीजिये।'

मई 2021: ऑक्सीजन सप्लाई से जुड़ी सुनवाई में दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- 'पूरे देश में हाहाकार मचा है। शुतुरमुर्ग की तरह रेत में आप सिर छुपा सकते हैं, हम नहीं। आप बताएं कि ऑक्सीजन देने के आदेश का पालन नहीं करने पर आपके खिलाफ क्यों न अवमानना की कार्रवाई की जाए?'

मई 2021: इस बार दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई। कहा- 'लोगों की जान खतरे में है। ऐसे में सरकार आंख मूंदकर बैठ सकती है, पर अदालत नहीं।'

28 अप्रैल 2021: दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के कामकाज पर सख्त टिप्पणी की। कहा- 'ऐसा लगता है कि सरकार लोगों को मरते हुए देखना चाहती है। रेमडेसिविर के इस्तेमाल के लिए जारी नई गाइडलाइंस के मुताबिक इसे सिर्फ उन्हीं लोगों को दिया जाएगा जो ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। ऐसा लग रहा है कि प्रोटोकॉल तैयार करते वक्त दिमाग का इस्तेमाल नहीं हुआ। लग रहा है कि केंद्र ने रेमडेसिविर की कमी का मसला खत्म करने के लिए प्रोटोकॉल ही बदल दिया।'

22 अप्रैल 2021: ऑक्सीजन की कमी पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को फिर लताड़ा। कहा- 'यह देश भगवान भरोसे चल रहा है। कई अस्पताल कह रहे हैं कि उनके पास कुछ ही घंटे का ऑक्सीजन बचा है। हमें इससे कोई मतलब नहीं है कि आप ऑक्सीजन कहां से लाएंगे। भीख मांगिए, उधार लीजिए या चोरी कीजिए या नया प्लांट लगाइए, लेकिन अस्पतालों में हर कीमत पर ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित कीजिए।'

मई 2021मध्य प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी से मौतें हो रही थीं। इसकी सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट कहा- 'संविधान के आर्टिकल-21 के तहत सबको जीने का अधिकार है। लेकिन जब लोगों को ऑक्सीजन ही नहीं मिले तो इसका कोई मतलब नहीं रह जाता। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 2 से 28 अप्रैल के बीच 90 मरीजों ने ऑक्सीजन की कमी के चलते जान गवां दी है। यह जानकारी कितनी सही है यह जांच का विषय है, लेकिन ऑक्सीजन की कमी से मरीजों की मौत होना दिल दहला देने वाली घटना है।'

मई 2021: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगता हुए कहा- 'ऑक्सीजन की कमी से लोगों का मरना आपराधिक कृत्य है और ये किसी नरसंहार से कम नहीं है।'

मई 2021: पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार को जमकर फटकार लगाई। कहा- 'ऐसा लग रहा है कि पूरा सिस्टम ध्वस्त हो चुका है। बेड से लेकर वेंटिलेटर तक की कमी और पांच सौ बेड का बिहटा ईएसआईसी अस्पताल शुरू करने के आदेश पर भी पूरी तरह काम नहीं हुआ। हमारे आदेश के बाद भी कोरोना मरीजों के उपचार की सुविधाएं नहीं बढ़ी हैं।'

26 अप्रैल 2021: कोराना के दौरान चुनावी रैलियों में भीड़ को लेकर मद्रास हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग पर सबसे सख्त टिप्पणी की। कहा- 'कोरोना की दूसरी लहर के लिए चुनाव आयोग के अधिकारी जिम्मेदार हैं। उनके खिलाफ हत्या के आरोपों पर मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।' इस पर चुनाव आयोग ने कहा कि उनकी ओर से कोविड गाइडलाइंस का पालन किया गया। इस पर अदालत ने पूछा- 'जब प्रचार हो रहा था, तब क्या चुनाव आयोग दूसरे प्लेनेट पर था?'

मई 2021: गुजरात हाईकोर्ट ने कहा- 'हम इस बात से दुखी हैं कि कोरोना के मामले में सरकार उसके आदेशों तक की पूरी तरह अनदेखी कर रही है।' राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि अस्पतालों में बेड की उपलब्धता की जानकारी रियल टाइम में करें। कर्नाटक हाईकोर्ट ने भी सख्त रवैया अपनाते हुए केंद्र सरकार से ऑक्सीजन का कोटा बढ़ाने के लिए कहा।

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