यूपी में मजहबी सियासत का नया रंगः नसीमुद्दीन सिद्दीकी से मंच से की गणेश वंदना, पढ़े गीता के श्लोक, कहा- ‘हम सबसे पहले इंसान’

यूपी में मजहबी सियासत का नया रंगः नसीमुद्दीन सिद्दीकी से मंच से की गणेश वंदना, पढ़े गीता के श्लोक, कहा- ‘हम सबसे पहले इंसान’

N4N DESK: उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनाव चाहे लोकसभा का हो, या राज्यसभा का, यूपी में मजहबी सियासत को हर बार हवा दी जाती है, और कोई भी पार्टी इसमें पीछे नहीं रहती. खासतौर पर बाबरी मस्जिद और हिंदू-मुसलमान की बातों को वहां खूब हवा दी जाती है. इसी बीच चित्रकूट में कांग्रेस नेता ने कुछ ऐसा कर दिया है, जिससे वह काफी चर्चा में आ गए हैं.

कांग्रेस की प्रतिज्ञा रथ यात्रा में गूंजे वेद-श्लोक

कांग्रेस राज्य में प्रतिज्ञा यात्रा निकाल रही है. इसी कड़ी में प्रतिज्ञा रथ गुरुवार को चित्रकूट पहुंचा. समर्थकों की भीड़ लगी थी. इसी बीच अचानक कांग्रेस नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी मंच से वेद और श्रीमद् भागवत गीता के श्लोक पढ़ने लगे. इससे सभी पहले तो चौंक गए, मगर बाद ने सभी ने ताली बजाकर उनका स्वागत किया. सिद्दीकी ने कहा, जब भी कोई काम किया जाता है, तो श्री गणेश होता है. क्योंकि यह हमारी प्रतिज्ञा की पहली जनसभा है. यानी हम यहां से श्री गणेश कर रहे हैं. इसके बाद उन्होनें गणेश वंदना भी की.

भाजपा सांप्रदायिकता को हवा देती है

नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा, चुनाव आने पर भाजपा हिंदू मुसलमान के मुद्दे को हवा देने लगती है. भाजपा ही है, जो कहती है, कि ये उस जाति का है, ये उस कौम का है. यह पाकिस्तानी है, यह हिंदुस्तानी है. ऐसे लोग आ गए हैं राजनीति में क्या कहूं.  लेकिन हमें इसके बाद भी घमंड है कि हमारे इस बांदा जिला और चित्रकूट जिले में इसका कभी कोई फर्क नहीं पड़ा है और ना ही पड़ेगा.

हम गंगा-जमुनी तहजीब मानने वाले

सिद्दीकी ने कहा, हम तो गंगा जमुनी तहजीब वाले हैं. नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम. हिंदू को खून की जरूरत पड़े तो मुसलमान ने दिया और अगर मुसलमान को खून की जरूरत पड़ी तो हिंदुओं ने दिया. यह कांग्रेस ने ही तहजीब पैदा की है. चार वेद हैं. मैंने सारे वेद पढ़े हैं. श्रीमद्भागवत गीता पढ़ा है. वाल्मीकि रामायण पढ़ा है. रामचरितमानस जो गोस्वामी तुलसीदासजी ने लिखा वह भी पढ़ा है. कुरान हदीस पढ़ा है. आगे चलिए चार वेद ऋग्वेद सामवेद अथर्ववेद यजुर्वेद मैं जो वैमनस्यता फैला रहे हैं मैं सिर्फ कह रहा हूं.

इसके बाद उन्होंने यजुर्वेद के दसवें मंडल के पुरुसूत्र के 90 नंबर का श्लोक सुनाया और श्रीमद् भागवत गीता का भी श्लोक सुनाया. श्लोक सुनने के बाद उन्होंने कहा, कहां से बात करोगे आप अरे जो हम जानते हैं कांग्रेसी, वह तुम जानते ही नहीं और हम और जो हम मानते हैं कांग्रेसी, वह आप मानते ही नहीं. सीधा सा मैं जानता हूं कि मुझे अगर अपना सम्मान कराना है तो मुझे आप सब का सम्मान पहले करना है और अगर मुझे अपने धर्म का सम्मान कराना है तो मुझे पहले आपके धर्म का सम्मान करना है वरना कोई सम्मान नहीं करेगा.

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