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नीतीश कुमार हैं सबसे असहाय,अशक्त,अमान्य,अक्षम, विवश,बेबस,लाचार और मजबूर मुख्यमंत्री ... तेजस्वी ने किया जोरदार हमला

नीतीश कुमार हैं सबसे असहाय,अशक्त,अमान्य,अक्षम, विवश,बेबस,लाचार और मजबूर मुख्यमंत्री ...  तेजस्वी ने किया जोरदार हमला

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूरे विश्व में सबसे असहाय,अशक्त,अमान्य,अक्षम, विवश,बेबस,लाचार और मजबूर मुख्यमंत्री की तरह है. सीएम नीतीश पर यह तंज बुधवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कसा है. सीएम नीतीश पथ निर्माण से जुडी एक परियोजना की जानकारी लेने के दौरान अधिकारियों पर बिफड पड़े थे और उन्होंने अधिकारी के पैर छूने की बात कर दी थी. अब इसी को लेकर तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश की कार्यशैली पर सवाल उठाया है और उन्हें असहाय,अशक्त,अमान्य,अक्षम, विवश,बेबस,लाचार और मजबूर कोई ही मुख्यमंत्री  बता दिया है. 



तेजस्वी ने सोशल मीडिया पर सीएम नीतीश एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, 'पूरे विश्व में इतना असहाय,अशक्त,अमान्य,अक्षम, विवश,बेबस,लाचार और मजबूर कोई ही मुख्यमंत्री होगा जो BDO, SDO, थानेदार से लेकर वरीय अधिकारियों और यहाँ तक कि संवेदक के निजी कर्मचारी के सामने बात-बात पर हाथ जोड़ने और पैर पड़ने की बात करता हो? बिहार में बढ़ते अपराध, बेलगाम भ्रष्टाचार, पलायन एवं प्रशासनिक अराजकता का मुख्य कारण यह है कि एक कर्मचारी तक (अधिकारी तो छोड़िए) मुख्यमंत्री की नहीं सुनता? क्यों नहीं सुनता और क्यों नहीं आदेशों का पालन करता, यह विचारनीय विषय है? हालाँकि इसमें कर्मचारी व अधिकारियों का अधिक दोष भी नहीं है।' 



उन्होंने नीतीश कुमार को निशाने पर लेते हुए कहा कि 'एक कमजोर बेबस मुख्यमंत्री के कारण “बिहार में होना वही है जो “चंद” सेवारत और “सेवानिवृत्त” अधिकारियों ने ठाना है” क्योंकि अधिकारी भी जानते है कि ये 43 सीट वाली तीसरे नंबर की पार्टी के मुख्यमंत्री है। जब शासन में इक़बाल खत्म हो जाए हो और शासक में आत्मविश्वास ना रहे तब उसे सिद्धांत,जमीर और विचार किनारे रख ऊपर से लेकर नीचे तक बात-बात पर ऐसे ही पैर पड़ना पड़ता है। बहरहाल हमें कुर्सी की नहीं बल्कि बिहार और 14 करोड़ बिहारवासियों के वर्तमान और भविष्य की चिंता है।' 



बता दें, सीएम नीतीश कुमार ने गायघाट से कंगन घाट के पथांश का उद्घाटन कार्यक्रम के बाद गंगा पथ के दीदारगंज तक पूरा होने वाले काम के बारे में जानकारी मांगी. पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत जानकारी दे रहे थे. इसी बीच उन्होंने गंगा नदी पर बन रहे राघोपुर सिक्स लेन पुल के बारे में अपडेट मांगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द से जल्द पुल का निर्माण कार्य पूरा करिए. एसीएस प्रत्यय अमृत ने कहा कि अक्टूबर तक काम पूरा जायेगा. मुख्यमंत्री ने कंपनी के प्रतिनिधि को खोजा. कंपनी के प्रतिनिधि सामने आए और बोले कि पूरी कोशिश है कि अक्टूबर तक काम पूर्ण कर देंगे. इसके बाद उन्होंने कहा कि राघोपुर साईड में जून 2025 तक सड़क का काम पूरा कर देंगे. यह सुनते ही नीतीश कुमार टेंशन में आ गए। कहा कि ऐसा क्यों...अगर आप काम पूरा नहीं करेंगे तो सिर्फ पुल तैयार करने से क्या फायदा होगा, राघोपुर तो जुड़ेगा ही नहीं. आप जल्दी से काम करिए. 



इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हाथ जोड़ते हुए अपनी जगह से उठ गए. कहा कि कहिए त हम आपका पैर छू लेते हैं. मुख्यमंत्री को हाथ जोड़कर पैर छूने की बात कहते सुन कंपनी के प्रतिनिधि पीछे हटे. प्रत्यय अमृत भी भौंचक रह गए। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को समझाया. इसके बाद भी वे नहीं मान रहे थे और जल्द से जल्द पुल निर्माण की बात कह रहे थे.आपको क्या दिक्कत है..बताइए, हम सारी दिक्कत को पूरा करेंगे. पैसे की दिक्कत है तो बताइए,सारी समस्या का समाधान होगा. इसी दौरान दूसरी दफे भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कंपनी के प्रतिनिधि का पैर छूने आगे बढ़े. लेकिन वहां मौजूद अधिकारियों ने नीतीश कुमार को ऐसा न करने का आग्रह किया.


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