नीतीश कुमार अपराधियों पर मेहरबान, तेजस्वी को थमा दिया झुनझुना - सुशील मोदी ने पूछा- ऐसे कैसे होगा विकास

नीतीश कुमार अपराधियों पर मेहरबान, तेजस्वी को थमा दिया झुनझुना - सुशील मोदी ने पूछा- ऐसे कैसे होगा विकास

पटना. भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि नीतीश मंत्रिमंडल विस्तार में तेजस्वी यादव को झुनझुना थमा दिया है. सीएम नीतीश ने बेहद चालाकी से तेजस्वी यादव को ठग लिया. उन्होंने कहा कि नीतीश मंत्रिपरिषद का जो गठन हुआ है उसमें आपराधिक चरित्र के लोगों की भरमार है. दूसरा इसमें सामाजिक समीकरण का ध्यान नहीं रखा गया है. उपेंद्र कुशवाहा को उप मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया है जो बेहद निराशाजनक है. वहीं तेजस्वी यादव को झुनझुना थमा दिया गया है. उन्हें वित्त विभाग नहीं दिया गया है. नीतीश कुमार ने बेहद चालाकी से अपने पास गृह और वित्त विभाग रख लिया है. इससे पूरे देश में नीतीश मंत्रिमंडल के विस्तार के एक नकारात्मक संदेश गया है. इससे अब बिहार में उद्योग और निवेश पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा.

उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार में जो सीएम सहित 33 मंत्री हैं उनमें 13 मंत्री सिर्फ दो जाति से हैं. नीतीश और तेजस्वी ने जातीय समीकरण का ध्यान नहीं रखा है. एक ही जाति के 8 लोगों को मंत्री बना दिया जबकि एक धर्म में 5 लोग मंत्री बने हैं. दरअसल, 8 यादव और 5 मुसलमानों के मंत्री बनाने पर सुशील मोदी ने कटाक्ष किया. उन्होंने कहा कि एनडीए वाली बिहार सरकार में सभी जातियों को उचित प्रतिनिधित्व दिया गया था. लेकिन इस सरकार में अति पिछड़ा वर्ग, मैथिल ब्राह्मण सहित अन्य जातियों को उपेक्षित रखा गया है. सभी समाज के लोगों को उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया. इससे स्पष्ट है कि जब आप एक ही जाति के ज्यादा से ज्यादा लोगों को मंत्री बनाएंगे तो दूसरे वर्ग के लोग खुद को उपेक्षित महसूस करेंगे.

मोदी ने कहा कि इस मंत्रिमंडल में सुरेंद्र यादव, रामानंद मंडल और ललित यादव, कार्तिक सिंह ऐसे विधायक हैं जिनका लंबा आपराधिक इतिहास रहा है. ललित यादव पर एक ट्रक ड्राइवर का नाख़ून उखाड़कर प्रताड़ित करने की घटना पर विधानसभा में खूब हंगामा हुआ था. तत्कालीन सीएम लालू यादव ने ललित यादव को उस समय मंत्रिमंडल से हटा दिया था. इसी तरह सुरेंद्र यादव पर 9 मामले दर्ज हैं. इसमें बच्चों के यौन उत्पीड़न से जुड़ा पोक्सो भी शामिल है. उनके ऊपर 302 छोड़कर शेष तमाम गंभीर आरोप में मामले दर्ज हैं. उन्होंने कहा कि मंत्री बनाए गए कार्तिक सिंह पर भी मामला दर्ज है. कार्तिक को बाहुबली अनंत सिंह का दाहिना हाथ कहा जाता है. ऐसे लोगों को नीतीश कुमार ने अपनी सरकार में मंत्री बनाकर बिहार में क्या संदेश देना चाहेंगे? इन चेहरों को बिहार में देखकर ना तो कोई व्यक्ति बिहार में पूंजी निवेश करेगा और ना किसी प्रकार का उद्योग लगाएगा.

उन्होंने कहा कि माना जा रहा था उपेंद्र कुशवाहा को डिप्टी सीएम बनाया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इससे नाराज होकर कुशवाहा अब दिल्ली में हैं. यह बेहद निराशाजनक है. इसी तरह तेजस्वी को वित्त विभाग दिया जाना चाहिए था क्योंकि जब एक के पास गृह विभाग है तो दूसरे को वित्त विभाग दिया जाना चाहिए. जब कोई व्यक्ति वित्त मंत्री बनता है तभी वह सभी विभागों की समीक्षा कर सकता है. नहीं तो आप जिस विभाग के मंत्री हैं सिर्फ उसी विभाग की समीक्षा कर सकते हैं. इसलिए कुल मिलाकर इस मंत्रिपरिषद के गठन के बाद दोनों दलों में तनाव होना तय है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सवर्णों की पार्टी मानी जाती थी लेकिन कांग्रेस में किसी सवर्ण को मंत्री नहीं बनाया गया. इसलिए मंत्रिमंडल में सब कुछ संतुलित नहीं है. मंत्रिपरिषद में सिर्फ आपराधिक छवि के लोगों की भरमार है. 


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