नीतीश जी! कोरोना गाइड लाइन की धज्जियां उड़ाते हुए पटना में लगाया गया अवैध पशु मेला, अधिकारियों के संरक्षण में चालू है खेल

नीतीश जी! कोरोना गाइड लाइन की धज्जियां उड़ाते हुए पटना में लगाया गया अवैध पशु मेला, अधिकारियों के संरक्षण में चालू है खेल

DESK. पटना. एक ओर बिहार में कोरोना को लेकर कई प्रकार की पाबंदियां लगाई गई हैं तो दूसरी ओर पटना पुलिस के नाक के नीचे कोरोना गाइड लाइन की धज्जियां उड़ाते हुए पटना में अवैध पशु मेला लगाया गया. पटना के पालीगंज के दुल्हिन बाजार के ऐन खां में लगने वाल पशु मेला में क्‍या-क्‍या होता ये बात अब किसी से छिपी नहीं है। स्‍थानीय लोग चुप रहते हैं। बोलने-लिखने की कोशिश करने वाला पत्रकार पीट दिया जाता है। कारण बस एक है। और वह यह कि इस पशु मेले के संचालकों के तार नेपाल-बांग्‍लादेश तक बेरहम पशु तस्‍करों से जुड़े हैं। और जब तस्‍करी का सिंडिकेट किसी धंधे में शामिल हो, तो आपराधिक तत्‍वों का बोलबाला हो ही जाता है। जमीन मालिक में मेले को अवैध बताते हुए इससे माफियाओं की एक साजिश करार दिया है। उन्होंने इस मामले को प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं स्थानीय थाना के पदाधिकारी को सूचना देकर अविलंब इस मामले को बंद कराने की बात कही है ।

मिली जानकारी के अनुसार दुल्हिन बाजार थाना क्षेत्र के ऐनखा गांव में पिछले कई वर्षों से बड़े पैमाने पर पशु मेला का आयोजन किया जाता रहा है । इस मेले में गांव के किसान अपने अपने पशुओं को लेकर खरीद बिक्री का काम किया करते हैं। स्थानीय विधायक संदीप सौरभ में इस मेले को अवैध करार देते हुए पटना के जिलाधिकारी से इसकी शिकायत की थी। विधायक ने बताया कि पूर्व में जिस जमीन पर धारा 144 लगा दिया गया है उसकी जमीन के आसपास मेले का आयोजन किया जाता रहा है। दूसरी तरफ जमीन के मालिक पीयूष पाल ने इस को अवैध करार देते हुए कहा कि यहां मेले के आयोजन में बड़े पैमाने पर पशुओं का तस्करी किया जाता रहा है। जमीन मालिक पीयूष पाल का यह मानना है कि यहां मेले के आयोजन की आड़ में बड़े पैमाने पर पशुओं की तस्करी की जाती है. 

उन्होंने आरोप लगाया कि यहां के पशुओं को पास के पड़ोसी देश बांग्लादेश में कंटेनर में बंद करके पशु तस्करी किया जा रहा है। उन्होंने इस तस्करी में थाना प्रभारी सहित अनुमंडल पदाधिकारी एवं बीडीओ सीओ को भी आरोपित ठहराया है। दूसरी तरफ इस मामले को लेकर पालीगंज के विधायक संदीप सौरभ देवी पूर्व में पटना के जिलाधिकारी को आवेदन देकर यह आरोप लगाया था कि दुल्हन बाजार के एसडीओ के संरक्षण में पशु मेला एवं पशु तस्करी किया जा रहा है । गांव के कई लोगों के विरोध के बावजूद भी मेले के आयोजन कर्ताओं ने अधिकारियों के साथ मिलकर इस मेले का आयोजन किया है। मे


ले के आयोजन पर यहां के ग्रामीण भी दो भागों में बांटते नजर आ रहे हैं। गांव के एक गुट ने इस मेले के आयोजन पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि बिहार सरकार के कड़े निर्देशों के बावजूद भी यहां स्थानीय थाना एवं पदाधिकारियों के मिलीभगत से बड़े पैमाने पर यहां पशु मेला और पशु तस्करी का आयोजन किया जाता रहा है। वही दूसरे गुट के लोगों का यह मानना है कि पशु मेला अवैध तरीके से नहीं बल्कि प्रशासन के निर्देश के बाद इसका आयोजन किया जा रहा है। इस मामले को लेकर दुल्हिन बाजार थाने के प्रभारी अशोक कुमार से बात करने पर उन्होंने बताया कि उन्हें यह सूचना मिली थी कि कुछ लोगों द्वारा कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाते हुए यहां मेले का आयोजन किया गया है लेकिन जांच में यह पाया गया कि मेले का आयोजन वहां नहीं किया गया था बल्कि कुछ लोग जानकारी के अभाव में मेले में शामिल हुए थे जो मेला बंद होने की सूचना के बाद वापस अपने घर लौट गए। 

पिछले महीने ही पालीगंज के विधायक संदीप सौरभ ने आरोप लगाया था कि पटना के पालीगंज अनुमंडल के दुल्हिन बाजार के ऐनखां गाँव में पालीगंज के अनुमंडलाधिकारी के संरक्षण में अवैध पशु मेला लगाया जा रहा है. सीपीआई (एमएल) के विधायक संदीप ने इसकी शिकायत पटना जिलाधिकारी से की है. जिलाधाकरी को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि जिले के दुल्हिन बाजार प्रखंड स्थित ऐनखां गाँव में अवैध पशु मेला लगाया जा रहा है. धारा 144 लागू होने के बाद भी गाँव की निजी जमीन पर बिना किसी अनुमति के पशु मेला लगाया जा रहा है. विधायक का कहना है कि इस संबंध में स्थानीय लोगों से शिकायत मिलने के बाद उन्होंने प्रखंड के अंचलाधिकारी को तत्काल संज्ञान लेने को कहा था. लेकिन अवैध पशु मेला लगातार चल रहा है. विधायक का आरोप है कि पालीगंज के अनुमंडलाधिकारी के संरक्षण में उक्त मेला मालिक को बढ़ावा मिला हुआ है. उन्होंने जिलाधिकारी से इस अवैध पशु मेले पर तत्काल रोक लगाने और संबंधित पदाधिकारी पर कार्रवाई करने की मांग की है. पालीगंज के अनुमंडलाधिकारी पर लगे इस गंभीर आरोप को लेकर जब उनकी प्रतिक्रिया के लिए फोन और मैसेज किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया. ना ही उन्होंने मैसेज का रिप्लाई किया. 

दरअसल, ऐनखां गाँव में अवैध पशु मेला लगाने और यहाँ से पशु तस्करी करने का आरोप पहले भी लग चुका है. पशु मेले को पशु तस्करी का अड्डा बताते हुए स्थानीय लोगों ने पूर्व में भी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. अप्रैल 2019 में भी इस पशु मेले और यहाँ पशुओं के साथ बरती जाने वाली क्रूरता के खिलाफ दुल्हिन बाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी. इसके पूर्व 2018 में भी इसी प्रकार की शिकायत हुई थी. 2019 में बिहटा थाने की पुलिस ने 30 मवेशियों को पशु तस्करों से जब्त किया था. कोरोना के दौर में भी  ऐनखां पशु मेला पर कोविड गाइडलाइन का उल्लंघन करने का आरोप लगा था. इस मेला के संचालक के रूप में नागेन्द्र सरदार का नाम आता है. मेले को लेकर हमेशा शिकायत मिलती है कि यहाँ बड़ी संख्या में पशु तस्कर आते हैं और मवेशियों को न सिर्फ भारत के विभिन्न इलाकों में तस्करी करते हैं बल्कि पड़ोसी देश बांग्लादेश तक इसके तार जुड़े हैं. अब विधायक संदीप सौरभ ने इस मेले के मुख्य संरक्षणकर्ता के रूप में पालीगंज के अनुमंडलाधिकारी पर सीधे सीधे आरोप लगाया है. 


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