अवैध रूप से मकान ध्वस्त करने के मामले में पटना हाई कोर्ट 4 जनवरी को सुनाएगा अहम फैसला, पुलिस के मनमाने रवैए पर जताई सख्त नाराजगी

अवैध रूप से मकान ध्वस्त करने के मामले में पटना हाई कोर्ट 4 जनवरी को सुनाएगा अहम फैसला, पुलिस के मनमाने रवैए पर जताई सख्त नाराजगी

पटना. पटना हाइकोर्ट ने पुलिस के भू माफिया के साथ कथित रूप से मिलीभगत और अवैध रूप से मकान ध्वस्त करने के मामले पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा। जस्टिस संदीप कुमार ने सजोगा देवी की याचिका पर गुरुवार को सुनवाई पूरी कर 4 जनवरी 2023 को फैसला देने की तिथि निर्धारित किया है। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सुनवा करते हुए याचिकाकर्ता को घटना की वीडिओ को पेनड्राइव में राज्य सरकार के अधिवक्ता और प्रतिवादियों को देने का निर्देश दिया।  

पूर्व की सुनवाई में कोर्ट में पूर्वी पटना के एस पी, पटना सिटी के सी ओ और अगमकुआं थाना के एस एच ओ के साथ इस घटना में गए पुलिस अधिकारियों कोर्ट में उपस्थित हो कर अपनी स्थिति स्पष्ट की थी। कोर्ट ने कहा कि बिना किसी न्यायिक या अर्ध न्यायिक आदेश के मकान तोड़ा जाना  अवैध है। उन्होंने कहा कि अगर इसी तरह पुलिस कार्रवाई करेगी, तो अराजकता फैलेगी। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने अवैध रूप से मकान ध्वस्त करने पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि जब ऐसे ही पुलिस काम करेगी,तो सिविल कोर्ट बंद कर दिया जाए।

कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से इस बात से इंकार किया कि इस घटना में बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया।उन्होंने कोर्ट को घटना की तस्वीरें भी दिखाई गई। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने पुलिस के मनमाने रवैए पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि क्या यहाँ भी बुलडोजर चलेगा। पुलिस थाने मे पैसा दे कर मनमाने काम करवाए जा सकते है। क्या सारी ताकत पुलिस को मिल गई है क्या।

पूर्व की सुनवाई में  कोर्ट को बताया गया कि भू माफिया के शह पर याचिकाकर्ता व उसके परिवार वालो के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज किया गया है। कोर्ट ने इस प्राथमिकी पर कोई कार्रवाई नहीं करने का आदेश देते हुए उन्हें गिरफ्तार नहीं करने का आदेश दिया था।


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