राष्ट्रपति चुनाव : बिहार के सांसद और विधायकों के मतपत्र का होगा अलग अलग रंग, बैंगनी स्याही वाली खास कलम से मतदान

राष्ट्रपति चुनाव : बिहार के सांसद और विधायकों के मतपत्र का होगा अलग अलग रंग, बैंगनी स्याही वाली खास कलम से मतदान

पटना. देश के 16वें राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए सोमवार को वोट डाले जायेंगे. बिहार के सांसद जहाँ दिल्ली स्थित संसद भवन में मतदान करेंगे वहीं राज्य के विधायक पटना स्थित बिहार विधानसभा परिसर में बनाए गए मतदान केंद्र में मतदान करेंगे. निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, राष्ट्रपति चुनाव के तहत मतदान के दौरान सांसदों और विधायकों को अलग-अलग रंग के मतपत्र दिये जायेंगे. सांसदों को हरे रंग के और विधायकों को गुलाबी रंग के मतपत्र मिलेंगे.

बिहार के भी सांसद जहाँ हरे रंग के मतपत्र का उपयोग करेंगे वहीं विधायकों के लिए गुलाबी रंग का मतपत्र पटना पहुंच चुका है. दरअसल सांसद और विधायकों के लिए अलग अलग रंग के मतपत्र का प्रावधान शुरू है. अलग-अलग रंग के मतपत्र होने से निर्वाचन अधिकारियों को मतों की गिनती करने में आसानी होगी. मतदान की गोपनीयता बरकरार रखने के लिए निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रपति चुनाव में निर्वाचन अधिकारी और सहायक निर्वाचन अधिकारियों को मतदाताओं को अपने मत पत्रों पर निशान लगाने के लिए बैंगनी स्याही वाली एक खास तरह की कलम उपलब्ध कराई हैं.

निर्वाचन आयोग की ओर से बिहार के विधायकों को मतदान कराने की पूरी तैयारी कर ली गई है. विशेष सुरक्षा में ‘मिस्टर बैलेट बॉक्स’ पहले ही बिहार पहुंच चुका है. दरअसल, राष्ट्रपति चुनाव में जिस मतपेटी का उपयोग किया जाता है उसे ‘मिस्टर बैलेट बॉक्स’ कहा जाता है. 13 जुलाई को ही विमान से ‘मिस्टर बैलेट बॉक्स’ को पटना लाया जा चुका है. 

राष्ट्रपति चुनाव में सांसदों और विधायकों के मतों का मूल्य होता है. संसद के एक सदस्य का मत मूल्य 708 से घटकर 700 हो गया है क्योंकि जम्मू कश्मीर में अभी कोई विधानसभा नहीं है. तमिलनाडु और झारखंड के प्रत्येक विधायक का मत मूल्य 176 है. इसके बाद महाराष्ट्र का 175, बिहार का 173 और आंध्र प्रदेश के हरेक विधायक का मत मूल्य 159 है. यानी विधायकों के मतों के मूल्य के लिहाज से बिहार चौथे नंबर पर है. 


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